Job Status in India: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, कर्मचारी राज्य बीमा निगम और राष्ट्रीय पेंशन योजना में हुए नामांकन के अनुसार पिछले चार महीनों से जारी उत्साह के बाद भारत में औपचारिक रोजगार सृजन अगस्त में धीमा हो गया।

Advertisement

कम हुआ है आकड़ा

मंगलवार को जारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के अनंतिम पेरोल आंकड़ों के अनुसार, नए ईपीएफओ ग्राहक अगस्त में 7.1 प्रतिशत गिरकर 1.69 मिलियन हो गए है। यह आकड़ा जुलाई में 1.82 करोड़ था। जून में यह 1.83 करोड़, मई में 1.68 करोड़ और अप्रैल में 1.53 करोड़ लोग ईपीएफओ से जड़े थे।

Advertisement

एनपीएस में हुई है मामूली गिरावट

ईएसआईसी ने जुलाई में 1.58 मिलियन की तुलना में शुद्ध ग्राहक वृद्धि में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। अगस्त में ईएसआईसी का आकड़ा 1.46 मिलियन दर्ज था। बीमा कार्यक्रम ने जून में शुद्ध 1.56 मिलियन, मई में 1.51 मिलियन और अप्रैल में 1.28 मिलियन नए नामांकन की सूचना दी थी। एनपीएस में जुलाई में 66,014 लोगो के मुकाबले 65,543 नए ग्राहकों में 0.71 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखी गई है। हालांकि शुद्ध जोड़ पिछले तीन महीनों की तुलना में बेहतर है। एनपीएस में जून में 58,425, मई में 60,926 और अप्रैल में 64,569 लोग जुड़े थे।

Advertisement

कोविड के प्रभावो से उभर रहा था देश

सालाना आधार पर अगस्त 2021 की तुलना में सृजित औपचारिक नौकरियों में वृद्धि दर्शाती है कि देश महामारी की दूसरी लहर से उबर रहा था। पिछले साल की तुलना में इस साल अगस्त में सृजित औपचारिक नौकरियां ईपीएफओ के तहत 14.4 प्रतिशत, ईएसआईसी के तहत 10.5 फीसदी और एनपीएस के तहत 16.3 फीसदी अधिक थीं। नौकरीयों का घटना दायरना भारत के लिए नुकसानदायक है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, कर्मचारी राज्य बीमा निगम और राष्ट्रीय पेंशन योजना में हुए नामांकन के अनुसार पिछले चार महीनों से जारी उत्साह के बाद भारत में औपचारिक रोजगार सृजन अगस्त में धीमा हो गया।

Advertisement