Jio Financial Services : अभी कुछ समय पहले ही रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरएल) से अलग हुई जिओ फाइनेंशियल सर्विसेज 10000 करोड़ रुपए तक जुटाने की योजना बना रही है। इस रकम को जुटाने के लिए कंपनी अपना पहला बॉन्ड इश्यू लाने पर विचार कर रही है। 20 नवंबर को आई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसी बातें कही गई हैं। आरएल की फाइनेंशियल सर्विस ब्रांच मर्चेंट बैंकरो के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कर रही है। मिल रही रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी इस बॉन्ड को 2023-24 वित्तीय वर्ष के अंतिम क्वार्टर यानी जनवरी से मार्च के समय में लॉन्च कर सकती है।

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कथित तौर पर बैंकरों ने कहा है कि कंपनी इस बॉन्ड इश्यू के माध्यम से 5000 से 10000 करोड़ रुपए तक इकट्ठा करने के बारे में सोच रही है। हालांकि जिओ फाइनेंशियल सर्विस ने अभी तक रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है।

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आपको बताते चलें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज से अलग होकर बनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज अपनी क्रेडिट रेटिंग और अन्य आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया में है।

गौरतलब है कि जिओ फाइनेंशियल सर्विस (जेएफएस) को अगस्त में शेयर बाजारों के लिए सूचीबद्ध किया गया था। जेएफएस तेजी से बढ़ते बाजार में बजाज फाइनेंस और इसके जैसी अन्य कंपनी के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए खुद को ऑटो, होम लोन और अन्य प्रोडक्ट्स सहित एक फुल सर्विस फाइनेंशियल सर्विस फर्म के रूप में स्थापित करने की योजना बना रही है।

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रॉकफोर्ट फिनकैप के संस्थापक और प्रबंध भागीदार वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन का कहना है कि, "जियो फाइनेंशियल को एक मजबूत प्रमोटर पैरेंटेज मिला है और उम्मीद है कि कंपनी को अपने आप ही 'एएए' क्रेडिट रेटिंग मिल जाएगी।"

"हालांकि कीमत जारी होने के समय कंपनी की अवधि और बैलेंस शीट के आकार जैसे कारकों पर निर्भर करेगी, एनबीएफसी होने के नाते, यह आरआईएल से 10-20 आधार अंक अधिक होगी।"

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इस महीने की शुरुआत में, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक गैर-वित्तीय भारतीय फर्म द्वारा सबसे बड़े इश्यू में 10-वर्षीय बॉन्ड के माध्यम से 200 अरब रुपये जुटाए हैं, जो सरकार की उधार लागत से 40 आधार अंक अधिक था।

दो बैंकरों ने कहा कि बॉन्ड इश्यू करने से पहले, बैंकरों ने सिफारिश की है कि जियो फाइनेंशियल अल्पकालिक वाणिज्यिक पत्र जारी करे और मूल्य निर्धारण के लिए बैंक बॉरोइंग लाइन को भी मेंटेन करे।

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अगर विशेषज्ञों की माने तो, जिओ फाइनेंशियल सर्विस द्वारा इश्यू किया गया बॉन्ड 5 साल से अधिक की परिपक्वता वाला नहीं होना चाहिए।

एक निजी बैंक के मर्चेंट बैंकर ने कहा है कि चूंकि जिओ फाइनेंशियल सर्विस कंपनी नई है, इस लिए डॉक्यूमेंटेशन और अनुपालन में समय लग सकता है। जिस वजह से वह मार्च के अंत तक मार्केट में आ सकते हैं।

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अगर बात करें जियो फाइनेंशियल सर्विस के शेर की तो 20 नवंबर के कारोबारी सत्र में, इनको शेयर मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 215.60 रुपए की कीमत पर बंद हुए। जो पिछले दिन के बंड मुकाबले 2.4 फीसदी कम दर्ज किया गया।

बात करें आज यानी मंगलवार 21 नवंबर 2023 को जिओफिन का शेयर एनएससी पर 1 बजे, लगभग 2.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 220.65 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है। अगर पिछले 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर की बात करें तो यह 266.95 रहा है। वही पिछले 52 हफ्ते के निचले स्तर की बात की जाए तो जिओ फाइनेंशियल सर्विस का शेयर 202.80 रुपए रहा है। पिछले 1 महीने में जियो ने निवेशकों को 6.78 प्रतिशत का रिटर्न भी दिया है। लेकिन पिछले 6 महीने में इसमें -11.39 फीसदी का डाउनफॉल देखा गया है।

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