धान किसानों को समर्थन देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 100 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस देने का ऐलान किया है।
शुक्रवार को ऐलान इस निर्णय का उद्देश्य धान की खेती करने वाले किसानों की आय को बढ़ाना है। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने कहा कि कैबिनेट ने आगामी वित्तीय वर्ष में धान किसानों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने के लिए इस बोनस की सुविधा के लिए 60 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया है।
यह पहल न केवल किसानों के लिए अधिक आय का वादा करती है, बल्कि इस मौसम में 6 लाख टन धान खरीदने की राज्य की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। केंद्र सरकार ने पहले ही वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सामान्य किस्म के धान के लिए 2,300 रुपए और ग्रेड-ए किस्म के धान के लिए 2,320 रुपए का एमएसपी निर्धारित किया है, जिससे किसानों की उपज के लिए गारंटी मूल्य तय होता है। इस खरीद रणनीति से किसानों की फसल के लिए एक स्थिर बाजार सुरक्षित होने की उम्मीद है, जिससे धान की खेती को और बढ़ावा मिलेगा।
भारत का धान उत्पादन तरीका
भारत में धान की खेती करने वाला एक प्रमुख राज्य है, अनुमान है कि वर्ष 2023-24 में 1367 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हो सकता है। इस कृषि उद्यम में तेलंगाना राज्य सबसे आगे है, जिसका उत्पादन 166.31 लाख मीट्रिक टन है। इसके बाद उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का स्थान है, जिनका उत्पादन 166.31 लाख मीट्रिक टन और 151.18 लाख मीट्रिक टन है। पंजाब और ओडिशा भी भारत के धान उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जहां 143.90 और 101.30 लाख मीट्रिक टन की पैदावार होती है, जो उन्हें देश के धान उत्पादन में चौथे और पांचवे स्थान पर रखता है।
इस कृषि पहल के अलावा झारखंड सरकार ने जमीनी स्तर पर पेयजल सेवाएं प्रदान करने के लिए समर्पित व्यक्तियों, 'जल सहियाओं' को मजबूत बनाने के लिए भी कदम उठाए हैं। उनकी परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने राज्य भर में 29,604 जल सहियाओं को 12,000 रुपए मूल्य के स्मार्टफोन प्रदान करने को मंजूरी दी है। यह कार्रवाई राज्य के बुनियादी ढांचे और सेवा वितरण तंत्र को बेहतर बनाने के सरकार के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है, यह तय करते हुए कि पेयजल जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं का कुशलतापूर्वक प्रबंधन किया जाता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 36 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जो राज्य में विकास और कल्याण के लिए एक बेहतर नजरिए को दिखाता है। इसमें कृषि उत्पादकता बढ़ाने और सामुदायिक स्तर पर तकनीकी सशक्तिकरण के माध्यम से कल्याण सुनिश्चित करने पर रणनीतिक ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
झारखंड सरकार के हालिया फैसले कृषि लोन, तकनीकी सशक्तिकरण और समग्र कल्याण के प्रति अच्छे नजरिए को तय करती है। धान के किसानों को अधिक वित्तीय प्रोत्साहन देकर और जमीनी स्तर पर जल सेवा प्रोवाइडर को आधुनिक तकनीक से लैस करके राज्य का लक्ष्य कृषि और सामुदायिक सेवाओं के लिए एक सहायक वातावरण को बढ़ावा देना है, जो सतत विकास और समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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