Life Certificate: हर साल केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों को नवंबर में जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) प्रस्तुत करना होता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनकी पेंशन बिना किसी रुकावट के वितरित की जाती है। यह बेहद जरूरी है क्योंकि जीवन प्रमाण पत्र या लाइफ सर्टिफिकेट से पेंशन लाभों तक निरंतर पहुंच संभव होती है।

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1 अक्टूबर से जमा कर सकते लाइफ सर्टिफिकेट

80 साल और उससे अधिक उम्र के पेंशनभोगियों के लिए, सरकार 1 अक्टूबर से प्रारंभिक जमा करने का ऑप्शन प्रदान किया है, जो उन्हें अन्य पेंशनभोगियों के लिए 1 नवंबर की तुलना में अतिरिक्त सुविधा प्रदान करता है।

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एक डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड विवरण और बायोमेट्रिक डेटा, जैसे फिंगरप्रिंट या आंखों के स्कैन का फायदा उठाकर इस प्रोसेस को सरल बनाता है। यह पेंशन कार्यालयों में वार्षिक वेरिफेशन की आवश्यकता को समाप्त करता है, जिससे पेंशनभोगियों के लिए प्रोसेस सरल हो जाती है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त, जीवन प्रमाण ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।

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अगर 30 नवंबर तक नहीं उपलब्ध कराया जीवन प्रमाण पत्र

80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की विंडो 1 अक्टूबर को खुली है, तथा अन्य सभी पेंशनभोगियों के लिए 1 नवंबर से खुलेगी।

आमतौर पर, इसे जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर होती है। हालांकि, सरकार इस समय-सीमा को बढ़ाने का अधिकार सुरक्षित रखती है। लास्ट डेट तक जीवन प्रमाण-पत्र जमा न करने के प्ररिणाम भी हैं।

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यदि प्रमाण-पत्र 30 नवंबर तक उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो दिसंबर और उसके बाद के महीनों की पेंशन रोक दी जाएगी। एक बार प्रमाण-पत्र जमा हो जाने और बदलाव हो जाने के बाद, किसी भी बकाया राशि सहित पेंशन भुगतान अगले डिटरमिनेटेड डिस्बर्समेंट के साथ फिर से शुरू हो जाएगा।

जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में तीन साल या उससे ज्यादा समय तक की देरी होने पर पेंशन भुगतान को फिर से शुरू करने के लिए संबंधित अधिकारियों से प्राधिकरण की जरूरत होती है। यह नीति पेंशन प्राप्ति में व्यवधान से बचने के लिए समय पर जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की महत्वपूर्ण स्ट्रैटजी को रेखांकित करती है।