नई दिल्ली, मई 9। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में मासिक योगदान के चलते संगठित क्षेत्र में काम करने वालों के पास रिटायरमेंट सेफ्टी होती है। हालांकि, असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों, मजदूरों और अन्य ऐसे ही लोगों के पास रिटायरमेंट जैसी आयु के बाद के लिए कुछ नहीं होता और मजबूरन उन्हें बुढ़ापे में भी काम करना होता है। पर सरकार ने एक योजना शुरू की है, जिसके तहत ऐसे लोग अधिकतम 3000 रु की पेंशन सरकार से ले सकते हैं। यदि आप भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं तो ये खबर आपके बेहद काम आएगी। अपने अलावा यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिनकी आप रिटायरमेंट बेनेफिट प्राप्त करने में मदद करना चाहते हैं, तो उन्हें प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना के बारे में बताएं।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना केवल 2 रुपये प्रति दिन या 60 रुपये प्रति माह के निवेश से 36,000 रुपये (3000 रु मासिक) की वार्षिक पेंशन दिला सकती है। पीएम श्रम योगी मानधन एक सरकारी योजना है जो वृद्धावस्था में सेफ्टी और असंगठित श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए है। इस योजना का पैसा आपके जनधन खाते से अपने आप कट जाएगा।
सभी सरकारी योजनाओं का पैसा सबसे पहले जनधन खातों में ही ट्रांसफर होता है। इसलिए जल्दी बेनेफिट के लिए जनधन खाता जरूर खुलवाएं।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों में कई तरह के कामगार होते हैं। इनमें घर पर काम करने वाले घरेलू सहायक, स्ट्रीट वेंडर, मिड-डे मील वर्कर, हेड लोडर, ईंट भट्ठा श्रमिक, मोची, कचरा बीनने वाले, घरेलू कामगार, धोबी, रिक्शा चालक, भूमिहीन मजदूर, श्रमिक, कृषि श्रमिक, निर्माण श्रमिक, बीड़ी श्रमिक, हथकरघा श्रमिक, चमड़ा श्रमिक, दृश्य-श्रव्य श्रमिक या समान अन्य व्यवसायों में काम करने वाले श्रमिक शामिल है। देश में ऐसे करीब 42 करोड़ असंगठित कामगार हैं।
ध्यान रहे कि 18 से 40 वर्ष के आयु वर्ग के आवेदकों को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक हर महीने इस योजना के तहत 55 रुपये से 200 रुपये के बीच पैसा देना होगा। आवेदक की आयु 60 वर्ष हो जाए तो उसके बाद वो पेंशन राशि के लिए क्लेम कर सकता है। प्रत्येक माह एक निश्चित पेंशन राशि संबंधित व्यक्ति के पेंशन खाते में जमा की जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 18 वर्ष की आयु में योजना की सदस्यता लेने वालों के लिए मासिक योगदान 55 रुपये है और रिटायरमेंट बेनेफिट 36,000 रुपये वार्षिक या 3,000 रुपये मासिक होगा। यदि कोई व्यक्ति 40 वर्ष की आयु में इस योजना का सदस्य बनता है, जो योजना में प्रवेश करने के लिए अधिकतम आयु सीमा है, तो मासिक योगदान 200 रुपये होगा (3000 रु की मासिक पेंशन के लिए)।
इस योजना के इच्छुक आवेदकों के पास बैंक खाते के प्रूफ के रूप में बैंक पासबुक या चेक लीव, या बैंक स्टेटमेंट की कॉपी सहित आईएफसी कोड के साथ आधार कार्ड, बचत या जन धन बैंक खाते की डिटेल होना चाहिए। आप करीबी सीएससी केंद्र पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के अंत में एक यूनीक श्रम योगी पेंशन खाता संख्या (स्पैन) जनरेट होगी और श्रम योगी कार्ड प्रिंट किया जाएगा।
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