Jagannath Puri Temple Treasure : जब प्राचीन मंदिरों की बात होती है तो जगन्नाथ मंदिर का भी ज्रिक होता है। जगन्नाथ मंदिर ओडिशा के पुरी में स्थित है। इस मंदिर की संपत्ति हजारों सदियों से लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। इस मंदिर की आय का एक बड़ा हिस्सा तीर्थयात्रियों से प्राप्त होने वाले दान और चढ़ावा है। आइए आपको बताते हैं कि जगन्नाथ मंदिर में आखिर कहां से इतना खजाना आता है।
सबसे अधिक धन भक्तों से मिलता है
जगन्नाथ मंदिर की वार्षिक रथ यात्रा के दौरान, लाखों भक्त मंदिर में आते हैं और अपनी श्रद्धा और भक्ति के प्रतीक के रूप में दान देते हैं। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और धरोहर का प्रतीक है। मंदिर की संपत्ति जो भक्तों के द्वारा दी जाती है उसका उपयोग धार्मिक, सांस्कृतिक, और सामाजिक कार्यों में किया जाता है।
कहां से आया इतना खजाना?
जगन्नाथ मंदिर का वर्तमान रूप राजा अनंत बर्मन ने ही बनवाया था लेकिन बारहवीं सदी में उड़ीसा को कलिंग के नाम से जाना जाता था और जगन्नाथ मंदिर में सोना, चांदी और दूसरे कीमती आभूषण दान में देने की परंपरा सदियों पुरानी रही है। इसकी शुरुआत तब गंगा वंश के राजा अनंत बर्मन के राज के समय हुई। उन्होने मंदिर को सोने के हाथी, घोड़े, फर्नीचर, बर्तन, रत्न, दिए थे। जगन्नाथ मंदिर के ऐतिहासिक दस्तावेज मदलापंजी के अनुसार, गंगा वंश के दूसरे राजा आनंद भीम देव ने लगभग साढ़े 14,00,000 ग्राम सोना दान में दिया था, जिनसे भगवान की मूर्तियों के आभूषण बनाए गए।
कपिलेन्द्र देव लाए थे इतना सोना
गंगा वंश के बाद, कलिंग पर सूर्यवंशी राजाओं ने शासन ने किया और इन्हें गजपति के नाम से भी जाना जाता है। गजपति साम्राज्य की स्थापना राजा कपिलेन्द्र देव ने की थी जिनका साम्राज्य बंगाल से लेकर दक्षिण में कावेरी तक फैला हुआ था। दक्षिण में एक युद्ध के बाद जब राजा कपिलेन्द्र वापस लौटे तो अपने 716 हाथियों में लादकर सोना लाये थे और ये सारा सोना उन्होंने श्री जगन्नाथ मंदिर में दान कर दिया था।
आपको जानकर हैरानी होगी कि चौदहवीं और अठारहवीं सदी के बीच इस रत्न भंडार में इतना सोना जमा हो गया कि इसे 18 बार लूटने की कोशिश हुई।
इस खजाने के एक हिस्से को 46 साल पहले भी खोला गया था और इसलिए खजाने के लिस्ट भी मिलायी गई क्योंकि खजाने के अंदर वाले कमरे की चाबियां पिछले कई सालों से गायब थी। ये चाबियां कब और किसने गायब की थी इसकी जानकारी भी किसी के पास नहीं है। अबतक इसमें कुल 9 संदूक और 4 आलमारी मिल चुकी हैं जिनमें कीमती रत्न हैं।
More Articles
- दिल्ली मेट्रो अपडेट: आज से सभी स्टेशन खुले, भीड़ से बचने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट टिप्स
- दिल्ली मेट्रो अलर्ट: आज 18 स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले चेक करें ये जरूरी अपडेट
- ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी
- Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?
- Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें