नई दिल्ली: आज सोमवार, 27 जुलाई है और अब सिर्फ चार दिन बचे हैं। अगर आप ITR-1 या ITR-2 फाइल करते हैं, तो आपके लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 है। वहीं, बिना ऑडिट वाले बिजनेस और प्रोफेशनल टैक्सपेयर्स 31 अगस्त, 2026 तक रिटर्न भर सकते हैं। डेडलाइन चूके तो 5,000 रुपये की लेट फीस लगेगी, हालांकि 5 लाख रुपये से कम आय वालों के लिए यह जुर्माना 1,000 रुपये ही है।

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सैलरी, पेंशन, हाउस प्रॉपर्टी और बिना बिजनेस वाले कैपिटल गेन्स के लिए 31 जुलाई की तारीख याद रखें। अगर ऑडिट की जरूरत नहीं है, तो ITR-3 या ITR-4 भरने वालों के लिए 31 अगस्त आखिरी मौका है। बिना ऑडिट वाले ट्रस्ट (ITR-5) के लिए भी 31 अगस्त ही डेडलाइन है। ऑडिट वाले मामलों में 31 अक्टूबर और ट्रांसफर प्राइसिंग के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की गई है।

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ITR Deadline: 31 जुलाई या 31 अगस्त? जानें आपके लिए कौन सी तारीख है जरूरी

डेडलाइन को अपने प्रोफेशन के बजाय फॉर्म और ऑडिट के हिसाब से समझें। सैलरी पाने वालों और इन्वेस्टर्स को 31 जुलाई तक अपना काम निपटा लेना चाहिए। बिना ऑडिट वाले फ्रीलांसर और छोटे कारोबारियों के पास 31 अगस्त तक का समय है। अगर आपके खातों का ऑडिट जरूरी है, तो 31 अक्टूबर तक फाइल करें और ट्रांसफर प्राइसिंग के मामलों में 30 नवंबर तक का वक्त है।

10 मिनट में फाइल होगा ITR, बस पास रखें ये डॉक्यूमेंट्स

फटाफट फाइलिंग के लिए इन जरूरी दस्तावेजों को एक साथ तैयार रखें: फॉर्म 16 और सैलरी ब्रेक-अप। फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS)। ब्याज, डिविडेंड और कैपिटल गेन्स की रिपोर्ट। सेक्शन 80C, 80D और होम लोन के प्रूफ के साथ रेंट रसीदें। रिफंड के लिए बैंक अकाउंट की जानकारी और पिछले साल की ITR रसीद (Acknowledgement) भी पास रखें।

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ई-वेरिफिकेशन के सबसे तेज तरीके और पेमेंट की डेडलाइन

आधार OTP सबसे तेज तरीका है, जिससे वेरिफिकेशन सेकंडों में हो जाता है। इसके अलावा नेट बैंकिंग, बैंक अकाउंट EVC, डीमैट EVC और डिजिटल सिग्नेचर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रहे, फाइल करने के 30 दिनों के भीतर वेरिफिकेशन जरूरी है, वरना रिटर्न अमान्य हो जाएगा। सबमिट करने के तुरंत बाद आधार OTP या नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर है।

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टैक्स भरना है? तो UPI या नेट बैंकिंग के जरिए 24x7 उपलब्ध e-Pay Tax का इस्तेमाल करें। बैंक काउंटर पर चालान जमा करना बैंक के समय और वर्किंग डेज पर निर्भर करता है। बैंक कट-ऑफ के बाद किया गया पेमेंट अगले वर्किंग डे पर अपडेट हो सकता है। आखिरी समय की भागदौड़ से बचने के लिए 31 जुलाई की आधी रात से पहले ऑनलाइन मोड ही चुनें।

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AIS/TIS में गलती है? ऐसे करें ठीक और जानें सुधार की डेडलाइन

पोर्टल पर जाकर AIS और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) खोलें। गलत एंट्री पर अपना फीडबैक दें और देखें कि समरी अपडेट हुई या नहीं। अगर रिटर्न पहले ही फाइल कर चुके हैं, तो 31 मार्च, 2027 तक रिवाइज्ड रिटर्न भर सकते हैं। डेटा मिसमैच का नोटिस मिला है? तो रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट (Rectification Request) डालें और 'Reprocess Return' चुनें। बिलेटेड रिटर्न (Belated returns) 31 दिसंबर, 2026 तक सेक्शन 234F की लेट फीस के साथ भरे जा सकते हैं।