नई दिल्ली: टैक्स चोरी करने वाले सावधान हो जाएं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ब्लैकमनी पर लगाम कसने और जो लोग टैक्स नहीं भरते हैं उन्हें पकड़ने के लिए बैंकों को कुछ विशेष अधिकार दिए हैं। बैंक अब पैन कार्ड की मदद से देख सकेंगे कि किस कंपनी ने कितना आयकर रिटर्न भरा है। इन स्टेप्स से करें ऑनलाइन ITR फाइल ये भी पढ़ें
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आईटीआर फाइलिंग कम्प्लायंस चेक के नाम से नई व्यवस्था शुरू की है। इसकी मदद से शेड्यूल्ड कॉमर्शियल बैंक पैन के आधार पर एकमुश्त आईटी रिटर्न फाइलिंग का स्टेटस चेक कर सकेंगे।
मालूम हो कि सीबीडीटी के मुताबिक, इसकी मदद से इनकम टैक्स नहीं भरने वालों का स्टेटस आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। बता दें कि सीबीडीटी के अधिकारियों ने बताया कि कई बार ऐसा देखा गया है कि कुछ लोग बड़े पैमाने पर लेनदेन करते हैं, लेकिन कभी इनकम टैक्स फाइल नहीं करते। इस नई व्यवस्था की मदद से ऐसे लोगों को इनकम टैक्स भरने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही काला धन पर भी लगाम लगेगी।
बता दें, वित्तीय कानून 2020 के तहत इनकम टैक्स दाखिल नहीं करने वालों के 20 लाख रुपए से अधिक निकालने पर टीडीएस का प्रावधान है। इसमें 1 करोड़ से अधिक निकासी पर 5 फीसदी अधिक दर से टीडीएस लगाने का प्रावधान है। बुधवार को जारी सीबीडीटी की अधिसूचना में कहा गया है कि अब बैंकों से भी इनकम टैक्स रिटर्न की जानकारी शेयर की जाएगी। नई व्यवस्था के माध्यम से बैंक और डाकघर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194एन के तहत नकद निकालने वाले व्यक्ति के पैन से टीडीएस की लागू दर प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही यह भी देख सकेंगे कि व्यक्ति या कंपनी ने कितना इनकम टैक्स जमा किया है। जिन कंपनियों या लोगों के पास एक से अधिक पैन कार्ड हैं, वो भी पकड़ में आ सकेंगे।
आयकर विभाग ने चालू वित्त वर्ष के पांच महीने (अप्रैल-अगस्त) में 26.2 लाख करदाताओं को 98,625 करोड़ रुपये का रिफंड किया है। विभाग ने बताया कि व्यक्तिगत आयकर के रूप में 24.50 लाख करदाताओं को 29,997 करोड़ का रिफंड जारी किया गया है और 1.68 लाख कॉरपोरेट करदाताओं को 68,628 करोड़ रुपये का रिफंड मिला है।
- सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग के पोर्टल पर जाएं incometaxindiaefiling.gov.in.
- आपको यहां रजिस्टर्ड यूजर होना जरूरी है। यहां अपने पैन का इस्तेमाल करते हुए खुद को रजिस्टर करना होगा। आपका पैन यूजर आईडी के तौर पर काम करेगा।
- अकाउंट में लॉग इनके बाद, इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के ऑप्शन को सिलेक्ट करें।
- उसके बाद यहां एक नया पेज खुलेगा, जहां पर आपको ड्रॉपडाउन मैन्यू पर एसेसमेंट ईयर को सिलेक्ट करना है। इसके बाद आईटीआर फॉर्म नंबर 1 और फाइलिंग टाइप- ऑरिजनल या रिवाइज्ड रिटर्न को सिलेक्ट करें।
- अगले स्टेप में आपको सब्मिशन मोड को सिलेक्ट करना है, जो prepare and submit online होगा। अंत में पहले से वैलिड बैंक अकाउंट को सिलेक्ट करें, जहां अगर आपका कोई इनकम टैक्स रिफंड है, तो आप उसे प्राप्त करना चाहते हैं।
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