Israel-Palestine War: ईरान समर्थित फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास की तरफ से शनिवार को अचानक इजराइल पर किए गए हमले की वजह से पिछले 2 दिनों में इजराइल में लगभग 700 से ज्यादा लोग मारे गए है। जिस वजह से भू-राजनीतिक तनाव पैदा हो गया। हमलों के बाद कच्चे तेल में लगभग 5 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इस बीच वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट का बिजनेस प्रति बैरल 87 डॉलर के लगभग हुआ।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध से ग्लोबल स्तर पर शेयर मार्केट पर काफी भारी असर पड़ने और गोल्ड की सुरक्षित निवेश अपील को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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ऐतिहासिक रूप से, यह देखा गया है कि जब भी मिडिल ईस्ट में किसी भी प्रकार का युद्ध होता है, तो तेल की कीमतों में इजाफा हो जाता हैं और परंपरागत रूप से सर्दियों के दौरान अधिकांश ऊर्जा कीमतें ऊंची रहती हैं।

मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार, इससे पहले जब फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया था तब कच्चा तेल प्रति बैरल 130 डॉलर से ज्यादा हो गया था।

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जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि इजराइल-हमास संघर्ष ने मार्केट के लिए एक बड़ी अनिश्चितता पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि कोई नहीं जानता है कि यह युद्ध कैसे विकसित होगा।

उन्होंने कहा कि मार्केट के नजरिए से यह समझना काफी अधिक जरूरी है कि भले ही विनाश दुखद हैं, वर्तमान में इसके कारण होने की संभावना नहीं है, तेल आपूर्ति में बड़ा व्यवधान आया, जिससे भारत जैसे प्रमुख तेल आयातक प्रभावित हुए।

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उन्होंने कहा कि अगर हमास का प्रमुख समर्थक ईरान युद्ध में शामिल हो जाता है तो स्थिति बदल जाएगी। इस वजह से तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिस वजह से कच्चे तेल में उछाल आ सकता है और मार्केट में रिस्क पैदा हो सकता है। यह शतर्क रहने का वक्त है। निवेशक बड़े रिस्क लेने से बच सकते हैं। घटना क्रम सामने आने की प्रतीक्षा करें। लंबी अवधि के निवेशक गिरावट पर धीरे-धीरे उच्च गुणवत्ता वाले शेयर जमा कर सकते हैं।

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प्रवीण सिंह - एसोसिएट वीपी, फंडामेंटल करेंसीज एंड कमोडिटीज, शेयरखान बाय बीएनपी पारिबा ने कहा कि आज हमास-इजरायल युद्ध सोने की सुरक्षित मांग को बढ़ा रहा है। युद्ध तेज होने से धातु में और तेजी आ सकती है।