Know the laws related to cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी का मतलब अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग है। यह साजिश, अटकलें, प्रशंसा, भ्रम का विषय है। लोगों का मानना है कि यह अमीर और प्रसिद्ध बनने का सबसे तेज तरीका है, जबकि विरोधी मानते हैं कि यह आपदा को अपने बुलाने जैसा है। दुनिया में अधिकांश देश अभी भी क्रिप्टोकरेंसी की वैधता के मुद्दे से जूझ रहे हैं और उस पर स्पष्टता आनी बाकी है।

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केजरीवाल रिसर्च एंड इंवेस्टमेंट सर्विसेज के संस्थापक अरुण केजरीवाल के अनुसार पिछले हफ्ते ही अमेरिका में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) ने दो क्रिप्टो एक्सचेंजों बाइनेंस और क्वोइनबेस पर बड़ी कार्रवाई की है। ऐसे में भारत में क्रिप्टो निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

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जहां तक भारत की बात है, यहां क्रिप्टो में कारोबार होता है। लेकिन यह न तो कानूनी है और न ही अवैध। एक्सचेंज हैं लेकिन बिना नियमन के चल रहे हैं। यह चिंता का एक बड़ा कारण है, क्योंकि निवेशक ही किसी भी विवाद का खामियाजा भुगतते हैं। वहीं देश का आयकर विभाग भी लोगों से क्रिप्टो में निवेश से दूर रहने की ही सलाह देता है।

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दुनिया सहित भारत में डार्क नेट भी है, जहां अवैध चीजें उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए क्रिप्टोकरेंसी के बदले प्रतिबंधित उत्पाद और ड्रग्स। क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग ने रिश्वत के पैसे के भुगतान और देश भर में अंडरहैंड गतिविधियों की सुविधा भी दे दी है।

भारतीय रिजर्व बैंक समय-समय पर क्रिप्टोकरेंसी पर चेतावनी देता रहता है। लेकिन अभी तक इस बारे में रणनीति तय नहीं हो पाई है। अभी यह विचार चल रहा है कि इसे देश में अनुमति नहीं दी जाए या नहीं। हालांकि इसके बारे में निर्णय लेने से पहले देश को और समय की आवश्यकता होगी।

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भारत में कई क्रिप्टोकरेंसी में खूब कारोबार होता है। जैसे शेयर बाजार में पेनी स्टॉक्स के मूवमेंट होते हैं वैसे ही मूवमेंट क्रिप्टो में भी देखने को मिलते हैं। लोग इसकी नकल भी करते हैं। अधिकांश लोग जल्दी पैसा बनाने के लिए क्रिप्टो को सही रास्ता मानते हैं।

पर्याप्त सुरक्षा उपायों, विवाद समाधान के लिए एक उचित तंत्र, मध्यस्थता की प्रणाली, और सबसे बढ़कर, सेबी जैसे एक शक्तिशाली नियामक के साथ, इक्विटी बाजार इसकी तुलना में बहुत सरल हैं।

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क्रिप्टोकरेंसी के मामले में भारत में पर्याप्त सुरक्षा उपायों, विवाद समाधान के लिए एक उचित तंत्र, मध्यस्थता की प्रणाली, के अभाव में निवेशक हमेशा उस एक्सचेंज की दया पर होता है, जहां उसने कारोबार किया है। ऐसे में निवेशक आसानी से ठगा जा सकता है। भारत में बिटकॉइन या क्रिप्टो की वैधता स्पष्ट नहीं है।

अंत में, यही कहा जा सकता है कि क्रिप्टो करेंसी को उन्हीं लोगों के लिए छोड़ देना चाहिए, जो नुकसान को सह सकत हैं। बाकी लोगों को इससे बच कर ही रहना चाहिए।

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