IREDA Share Bazar News: बिजली और पीएसयू शेयरों के पीछे पॉजिटिव सेंटीमेंट के कारण, भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (आईआरईडीए) के शेयर अपने आईपीओ मूल्य 32 रुपये से 210 प्रतिशत अधिक बढ़ गए हैं। ऐसी स्थिति में जहां कुछ निवेशक मुनाफावसूली पर विचार कर रहे हैं, वहीं विश्लेषकों का मानना है कि आईआरईडीए एक लंबी अवधि का शेयर हैं, ऐसे में इसमें अभी निवेशित रहना ठीक रहेगा।

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आज सुबह 10 बजे, इरेडा का शेयर एनएसई पर 101.35 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इस प्रकार इसे कल की तुलना में आज यह शेयर करीब 17 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है। जहां तक ट्रेडिंग वॉल्यूम की बात है तो यह भी काफी ज्यादा है। इस वक्त इस शेयर में करीब 27 करोड़ शेयरों से ज्यादा का वॉल्यूम है। कंपनी पीएम-कुसुम योजना, रूफटॉप सोलर और अन्य बिजनेस-टू-कंज्यूमर (बी2सी) क्षेत्रों के तहत लोने देने का काम करती है।

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IREDA ने के रिटेल प्रभाग ने हाल ही में कुसुम-बी योजना के तहत 58 करोड़ रुपये की पहला लोन पास किया है। मई 2022 में भारतीय जीवन बीमा निगम के बाद, IREDA एक साल से अधिक समय में पूंजी बाजार में उतरने वाली दूसरी सरकारी कंपनी रही है। पावर फाइनेंसर की संपत्ति बुक में मुख्य रूप से सौर ऊर्जा (30 प्रतिशत) का वर्चस्व है, इसके बाद पवन ऊर्जा ( 20.9 प्रतिशत), राज्य उपयोगिताएँ (19.2 प्रतिशत), और जलविद्युत (11.5 प्रतिशत) परियोजनाओं को इसने लोन दिया है।

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कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार दास ने हाल ही में कहा था कि हम एक शुद्ध-प्ले ग्रीन फाइनेंस कंपनी हैं, जिसका एक स्थापित ट्रैक रिकॉर्ड है। इसके अलावा डेवलपर्स के साथ हमारे बहुत परिपक्व संबंध हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास निजी डेवलपर्स से निपटने की विशेषज्ञता है और नए और नवीकरणीय स्रोतों से निपटने में विशेषज्ञता है।

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भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (आईआरईडीए) का शेयर स्टॉक मार्केट में पिछले महीने की 29 तारीख यानी 29 नवंबर 2023 को लिस्ट हुआ था। कंपनी ने 32 रुपये के दाम पर अपने शेयर जारी किए थे। यह शेयर अब 100 रुपये से ज्यादा दाम के हो गए हैं। इस प्रकार से 200 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिल चुका है। यानी इस आईपीओ में अगर किसी ने 32,000 रुपये लगाया था, तो उसकी वैल्यू अब 1 लाख रुपये से ज्यादा की हो गई है। वहीं इसमें समय करीब 15 दिन का लगा है। जानकारों की राय है कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की पहल पर विचार करते हुए स्टॉक में दीर्घकालिक निवेश की सिफारिश की है।

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विश्लेषकों का मानना है कि तेजी के साथ, पीएफसी और आरईसी जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में मूल्यांकन महंगा हो गया है, लेकिन आईआरईडीए की लोन बक वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हैं।

निर्मल बंग के अनुसार, उभरती हुई हरित प्रौद्योगिकियों जैसे कि हरित हाइड्रोजन, पंप किए गए हाइड्रो स्टोरेज पावर प्लांट, बैटरी भंडारण मूल्य श्रृंखला और हरित ऊर्जा गलियारे में विविधीकरण और विस्तार इसकी लोन बुक की उच्च वृद्धि की दीर्घकालिक स्थिरता की गुंजाइश प्रदान करता है।

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