नयी दिल्ली। केंद्र सरकार कई सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेच चुकी है। एलआईसी सहित कई अन्य कंपनियों में भी सरकार हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। इनमें सबसे पहले अब केंद्र सरकार इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्प (आईआरसीटीसी) में हिस्सेदारी बेचने जा रही है। आईआरसीटीसी शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी है और इसकी हिस्सेदारी ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) के जरिए बेची जाएगी। मगर इसमें आपके लिए कमाई का मौका हो सकता है। दरअसल ओएफएस में निवेशकों को आईआरसीटीसी के शेयर सस्ते में खरीदने का मौका मिलेगा।
ओएफएस में आईआरसीटीसी के शेयरों का रेट (फ्लोर प्राइस) 1367 रु रखा गया है। जबकि इस समय (करीब 1 बजे) ये शेयर 1488 रु के आस-पास चल रहा है। 1367 रु के ऊपर शेयर की जितनी कीमत होगी आप बाद में उसी से हिसाब से प्रोफिट कमा सकते हैं। मगर आज ये इश्यू आम निवेशकों के लिए नहीं खुला है। बल्कि आज ये केवल नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए खुला है। जबकि कल 11 दिसंबर को ये इश्यू रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा।
2020 में शेयर मार्कट ने कोरोना संकट के बावजूद अच्छा रिटर्न दिया है। आईआरसीटीसी के शेयर ने भई निवेशकों को तगड़ा मुनाफा कराया है। ये 1 जनवरी को 944 रु पर था, जो इस समय 1488 रु के करीब है। अगर आप नये साल से पहले इस शेयर निवेश करते हैं तो आपको आगे अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
ऑफर फॉर सेल एक आसान तरीका है जिसके जरिए पब्लिक कंपनियों में प्रमोटर अपने शेयर बेच सकते हैं और एक्सचेंज के लिए बिडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पारदर्शी तरीके से अपनी हिस्सेदारी कम कर सकते हैं। प्रमोटर्स ने आईआरसीटीसी के 2,40,00,000 इक्विटी शेयरों को बेचने की पेशकश की है, जो 15 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। इसके अलावा ग्रीन-शू ऑप्शन के जरिए 80,00,000 शेयर बेचने का भी विकल्प है, जो इसकी 5 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर होंगे। ग्रीन-शू ऑप्शन जब इस्तेमाल किया जाता है जब निवेशकों की तरफ से ज्यादा मांग हो।
ओएफएस में आईआरसीटीसी के कुल 3.2 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे, जिससे सरकार को 4374 करोड़ रु मिलने की उम्मीद है। आईआरसीटीसी के ओएफएस से सरकार को चालू वित्त वर्ष के लिए 2.10 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार ने इस 2.10 लाख करोड़ रु के टार्गेट में से 1.20 लाख करोड़ रुपये पीएसयू कंपनियों के विनिवेश और बाकी 90,000 करोड़ रुपये वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बिक्री से जुटाने का प्लान बनाया है।
सरकार के पास फिलहाल आईआरसीटीसी की 87.40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सेबी के पब्लिक होल्डिंग नियमों को पूरा करने के लिए सरकार को कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 75 प्रतिशत तक कम करनी होगी। भारतीय रेलवे द्वारा भारत में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खानपान सेवाएं, ऑनलाइन रेलवे टिकट और पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराने वाली आईआरसीटीसी इकलौती कंपनी है।
आईआरसीटीसी अक्टूबर 2019 में स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हुई थी। उससे पहले कंपनी का आईपीओ आया था। कंपनी ने आईपीओ के माध्यम से 645 करोड़ रुपये जुटाए थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अप्रैल 2017 में पांच रेलवे कंपनियों की लिस्टिंग को मंजूरी दी थी। इनमें से चार (इरकॉम इंटरनेशनल लिमिटेड, राइट्स, रेल विकास निगम लिमिटेड और आईआसीटीसी) पहले ही लिस्टेड हो चुकी हैं। आईआरएफएस को इस वित्त वर्ष में लिस्ट किए जाने की संभावना है।
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