IRCTC : इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) अपने ऑनलाइन पोर्टल से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को एक वैकल्पिक यात्रा बीमा पॉलिसी प्रदान करता है। यह बीमा पॉलिसी रेल यात्रा के दौरान चोट लगने या फिर यात्री के गुजर जाने के दौरान कवर प्रदान करती है।
ओडिशा में हुई ट्रेन दुर्घटना जिसमें लगभग 288 लोग गुजर गए और लगभग 1000 से ज्यादा लोग घायल हो गए। जिसके बाद इस बीमा सुरक्षा प्रदान करने की नीति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
आईआरसीटीसी के प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन के माध्यम से टिकट की बुकिंग करते वक्त, यूजर्स के पास बीमा पॉलिसी का सिलेक्ट करने का ऑप्शन होता है, जिसके लिए यात्रियों को बीमा कराने के लिए 0.35 रु प्रति व्यक्ति का भुगतान करना होता हैं।
यह ध्यान रखने वाली बात हैं कि इसका चयन करना वैकल्पिक है और आरक्षण के बाद व्यक्ति इस ऑप्शन का सिलेक्शन नहीं कर सकता है। आईआरसीटीसी पोर्टल पर टिकट की बुक करते वक्त इसका चयन किया जाना चाहिए।
क्या शामिल है पॉलिसी के अंतर्गत
बता दें कि पॉलिसी 5 प्रकार की कवरेज प्रदान करती है जो सभी वर्गों के लिए समान है। अगर इसमें पहले प्रकार के कवरेज की बात करें, तो फिर इसमें अगर सफर करने वाले यात्री को सफर के दौरान अगर आकस्मिक रूप से शारीरिक चोट लग जाती है।
जिसके परिणाम के स्वरूप घटना होने के 12 महीने के भीतर वो गुजर जाता है, तो फिर दावेदारों को 100 फीसदी बीमा की राशि प्रदान की जायेगी। नीति के मुताबिक, गुजर जाने के मामले में 10 लाख रु की राशि प्रदान की जाएगी।
वही, अगर हम दूसरे प्रकार के कवरेज की बात करें, तो फिर इसमें अगर यात्रा के दौरान लगी कोई चोट के वजह से 12 महीने के अंतर स्थायी पूर्ण विकलांगता में बदल जाती है, तो बीमित यात्री 10 लाख रु की राशि प्राप्त करने का हकदार होता है।
वही, अगर हम तीसरे प्रकार के कवरेज की बात करें, तो फिर आज सफर के दौरान भी चोट सीधे और स्वतंत्र रूप से घटना के 12 महीने के अंदर स्थायी आंशिक विकलांगता में बदल जाती है, तो बीमित व्यक्ति 7 लाख 50 हजार रु प्राप्त करने का पात्र होगा।
बीमा की अवधि के अंदर यात्रा के दौरान लगी चोट के इलाज के दौरान पॉलिसी में 2 लाख रु तक के चिकित्सा खर्च शामिल हैं। वही, पांचवें कवरेज की बात करें, तो फिर पार्थिव शरीर के परिवहन के लिए 10 हजार रु तक का कवरेज दिया जायेगा।
कैसे करें पॉलिसी का दावा
आईआरसीटीसी के अधिकारिक निर्देशों के मुताबिक, अगर बीमित यात्री या फिर बीमित यात्री कोई कानूनी उत्तराधिकारी पॉलिसी के तहत मिलने वाले लाभों का दावा करना चाहता है, तो फिर उसको दावों के बारे में पूरी जानकारी घटना के 4 महीने के अंदर इंश्योरेंस कंपनी के पास के कार्यालय में भेजना होगा।
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