Iran-Israel War: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती हलचल का असर अब साफ तौर पर ऊर्जा बाजार पर दिखने लगा है। हालांकि भारत सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश के पास तेल और गैस का पर्याप्त भंडार है और किसी भी छोटे समय के संकट से निपटने की तैयारी पूरी है। इसके बावजूद गैस सप्लाई में आई कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते दामों ने उद्योग जगत की चिंता बढ़ा दी है।

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हाल के घटनाक्रम में समुद्री रास्तों में रुकावट और ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की खबरों से वैश्विक सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट की आशंका से बाजार में घबराहट देखी गई। भारत अपनी बड़ी ऊर्जा जरूरत इसी क्षेत्र से पूरी करता है, इसलिए यहां का तनाव सीधे तौर पर घरेलू बाजार को प्रभावित करता है।

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कतर से सप्लाई प्रभावित

Qatar भारत को एलएनजी सप्लाई करने वाले अहम देशों में शामिल है। वहां की एक गैस सुविधा पर हमले के बाद उत्पादन पर असर पड़ा, जिससे सप्लाई चेन में बाधा आई।

भारत की बड़ी आयात कंपनी Petronet LNG ने स्थिति को देखते हुए गैस सप्लाई में कटौती की घोषणा की। इसका असर आगे कई सरकारी और निजी कंपनियों पर पड़ा।

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कंपनियों ने कम की आपूर्ति

गैस की कमी का असर GAIL, BPCL और Indian Oil जैसी कंपनियों पर दिखाई दिया। इन कंपनियों ने औद्योगिक ग्राहकों के लिए गैस सप्लाई 50 से 60 फीसदी तक घटा दी है।

हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं और खाद बनाने वाली इकाइयों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि आम लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।

तेल के दाम ने बढ़ाई चिंता

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 80 डॉलर से ऊपर पहुंच गया है। कुछ ही दिनों में इसमें तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारत अपनी बड़ी तेल जरूरत आयात से पूरी करता है, इसलिए कीमतों में तेजी से आयात बिल बढ़ सकता है।

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तेल महंगा होने का असर महंगाई और उद्योगों की लागत पर भी पड़ सकता है। अगर यह स्थिति लंबी चली तो उत्पादन लागत बढ़ेगी और कई सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं।

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल त्योहारों के कारण औद्योगिक मांग थोड़ी कम है, जिससे दबाव कुछ हद तक संभला हुआ है। लेकिन अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो छोटे उद्योगों से लेकर बड़े प्लांट तक असर दिख सकता है।

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सरकार ने कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल निवेशकों और उद्योग जगत की निगाहें अंतरराष्ट्रीय हालात और ऊर्जा सप्लाई पर टिकी हैं।