Iran FM Abbas Araghchi India Visit: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची 14-15 मई को होने वाली BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली का दौरा कर सकते हैं। ANI की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का हवाला देते हुए बताया है कि यह दौरा बढ़ती भू-राजनीतिक घटनाओं के बीच हो रहा है, और यह विस्तारित BRICS समूह के भीतर भारत और ईरान (India-Iran relations) के बीच मजबूत होते संबंधों को बताता है।
यह ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को तुरंत खारिज कर दिया, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि 10 हफ्ते से जारी यह संघर्ष और लंबा खिंच सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग में और बाधा डाल सकता है। अमेरिका ने हाल ही में बातचीत फिर से शुरू करने के उद्देश्य से एक प्रस्ताव पेश किया था।
हालांकि, ईरान ने रविवार को एक बयान जारी कर सभी मोर्चों पर, विशेष रूप से लेबनान में, संघर्ष को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जहां इजराइल, ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हिज्बुल्लाह के साथ लड़ाई में शामिल है।
इससे पहले 29 अप्रैल को, अराघची ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर को फोन किया था और पश्चिम एशिया संकट के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की थी।
भारत-ईरान संबंध
भारत-ईरान संबंधों को बताते करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा, "भारत और ईरान के बीच सदियों पुराना मेल-जोल का इतिहास रहा है। आज के संबंध इन्हीं ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कड़ियों की मजबूती पर आधारित हैं, और उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान, व्यापारिक और संपर्क सहयोग, तथा मजबूत सांस्कृतिक और आपसी जन-संबंधों के जरिए लगातार और मज़बूत होते जा रहे हैं।"
भारत और ईरान महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार रहे हैं। हाल के वर्षों में, भारत ईरान के पांच सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक रहा है। ईरान को भारत के प्रमुख निर्यातों में चावल, चाय, चीनी, दवाएं आदि शामिल हैं, जबकि ईरान से भारत के प्रमुख आयातों में सूखे मेवे, ताजे फल आदि शामिल हैं।
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