नई दिल्ली। देश के जानेमाने कारोबारी गौतम अदाणी ने जानकारी दी है कि उनकी कंपनी में निवेश का लगा 1 रुपया आज बढ़कर 100 रुपये यानी हर 1000 रुपये के निवेश की वैल्यू बढ़कर अब 8 लाख रुपये हो गई है। अदाणी ग्रुप देश का जानामाना कारोबारी घराना है। गौतम अदाणी ने यह जानकारी जेपी मोर्गन इंडिया के एक सम्मेलन में दी है। यह सम्मेलन 'फ्यूचर इन फोकस' विषय पर आधारित था। उनके अनुसार उनकी कंपनियां इस वक्त सीपोर्ट्स से लेकर एयरपोर्ट्स तक और एनर्जी क्षेत्र से लेकर सोलर क्षेत्र तक में काम कर रही हैं। फिलहाल अदाणी ग्रुप की 6 लिस्टेड कंपनियां हैं।
गौतम अदाणी की पहली कंपनी की लिस्टिंग वर्ष 1994 में हुई थी। यह देश का वही दौर था, जब पहली बार अर्थव्यवस्था को खोला गया था। देश में 1991 में पहली बाद उदारीकरण की शुरुआत हुई थी। अडानी इंटरप्राइजेज के नाम से पहली गौतम अदाणी ने 1994 में इसे लिस्ट कराया था। इस कंपनी के आईपीओ में अगर किसी को शेयर मिला होगा, और उसने अभी तक इसे नहीं बेचा होगा तो उसके निवेश के हर 1 रुपये की वैल्यू 800 रुपये यानी हर 1000 रुपये के निवेश की वैल्यू करीब 8 लाख रुपये हो गई होगी।
पिछले 10 वर्षों में अदाणी ग्रुप का कारोबार करीब 35 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रहा है। अडानी ग्रुप इस वक्त देश का सबसे बड़ा सीपोर्ट ऑपरेटर और सबसे बड़ा प्राइवेट एयरपोर्ट डेवलपर भी है। इसके अलावा ग्रुप का कारोबार एनर्जी, माइनिंग, गैस, रिन्यूएबल्स, एयरोस्पेस, डिफेंस, लॉजिस्टिक्स, गैस डिस्ट्रिब्यूशन और एग्रो-कमॉडिटीज जैसे सेक्टर्स में भी फैल चुका है।
अडानी इंटरप्राइजेज का शेयर 25 नवंबर 1994 को बीएसई में लिस्ट हुआ था। उस दिन कंपनी के शेयर बीएसई पर 360 रुपये पर खुला था और 375 रुपये पर बंद हुआ था। इसी दिन कंपनी के शेयर ने 400 रुपये का ऊपरी स्तर और 360 रुपये का निचला स्तर देखा था। वहीं आज बीएसई की साइट पर कंपनी के हिस्टोरिकल चार्ट को देखें तो पता चलेगा कि सभी तरह के एडजस्टमेंट के साथ 25 अक्टूबर 2001 को कंपनी के शेयरों का प्राइस 76 पैसे था। इस एडजस्टमेंट में बोनस शेयर, शेयर विभाजन और डिविडेंड को शामिल किया जाता है।
अडानी इंटरप्राइजेज ने अभी तक 3 बार अपने निवेशकों को बोनस शेयर दिया है। पहली बार 7 अक्टूबर 1996 को बोनस शेयर दिए गए थे। उस वक्त जिसके पास कंपनी का एक शेयर था उसे 1 शेयर बोनस के रूप में दिया गया था। इसके बाद दूसरी बार अडानी इंटरप्राइजेज ने अपने निवेशकों को 1 नवंबर 1999 को बोनस शेयर दिया था। इस दौरान भी हर 1 शेयर पर एक शेयर बोनस के रूप में दिया गया था। वहीं तीसरी बार अडानी इंटरप्राइजेज ने 2009 में फिर से एक बार बोनस शेयर दिया। इस बार भी कंपनी ने हर एक शेयर पर 1 शेयर बोनस के रूप में दिया था।
अडानी इंटरप्राइजेज ने बोनस के अलावा अपने शेयर को स्प्लिट भी किया था। कंपनी ने 28 जुलाई 2004 में 10 रुपये फेसवैल्यू के अपने शेयर को 1 रुपये की फेस वैल्यू में बदल दिया था। इस प्रकार जिसके पास इस दिन 1 शेयर रहा होगा, उसके पास कंपनी के 10 शेयर हो गए होंगे।
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