नई दिल्ली, मार्च 3। गुजरात के गिफ्ट सिटी में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) प्लेटफॉर्म पर आज से आठ अमेरिकी शेयरों में कारोबार शुरू हो गया। दरअसल एनएसई आईएफएससी को 50 यूएस आधारित शेयरों की ट्रेड रिसीट की मंजूरी मिल गयी थी। शुरुआत में एक्सचेंज अल्फाबेट इंक, अमेजन इंक, टेस्ला इंक, मेटा (फेसबुक), माइक्रोसॉफ्ट, नेटफ्लिक्स, ऐप्पल और वॉलमार्ट में ट्रेड शुरू करेगा और फिर बाद में 50 सबसे बड़ी अमेरिकी कंपनियों को लिस्ट किया जाएगा।
कुछ अन्य स्टॉक भी एनएसई आईएफएससी प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की योजना बना रहे हैं और ट्रेडिंग की तारीख जल्द ही तय की जाएगी। इन शेयरों में बर्कशायर हैथवे, मास्टरकार्ड, जेपी मॉर्गन चेस के अलावा मॉर्गन स्टेनली, नाइके, पेपैल, पेप्सिको, फाइजर, इंटेल आदि शामिल हैं।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं होगा कि अमेरिकी शेयर भारत में लिस्टेड होंगे। एनएसई सर्कुलर में कहा गया है कि बाजार निर्माता अमेरिका में शेयर खरीदेंगे और उनके लिए अनस्पॉन्सर्ड डिपॉजिटरी रिसीट जारी करेंगे। गिफ्ट सिटी, आईएफएससी अथॉरिटी इसके लिए एकमात्र नियामक होगा।
इन शेयरों में खरीदारी के लिए रिटेल निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा निर्धारित उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) सीमा के तहत आईएफएससी प्लेटफॉर्म पर लेनदेन कर सकते हैं, जो वर्तमान में प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 2,50,000 लाख डॉलर है।
घरेलू निवेशकों को आईएफएससी में एक डीमैट खाता खोलना होगा और स्टॉक रिसीट को आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए विदेशी संपत्ति के रूप में माना जाएगा। इसका मतलब है कि खरीद के दो साल के भीतर मिले मुनाफे के लिए स्लैब दर और दो साल की होल्डिंग अवधि के बाद किए गए मुनाफे के लिए इंडेक्सेशन के साथ 20% होगी।
बीएसआई का इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज (इंडिया-आईएनएक्स) भी आईएफएससी के माध्यम से भारतीय निवेशकों को अंतर्राष्ट्रीय स्टॉक ऑफर करता है। बीएसई अंतरराष्ट्रीय दलालों के लिए एक ब्रोक्रेज के रूप में कार्य करता है। बता दें कि आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इंटरएक्टिव ब्रोकर्स एलएलसी के साथ करार किया है। इसके अलावा, वेस्टेड, स्टॉकल और ग्रो जैसे प्लेटफॉर्म भी अपने उपयोगकर्ताओं को विदेशी बाजार में निवेश करने देते हैं। निवेशक के लिए उपलब्ध एक अन्य विकल्प विदेशी ब्रोकर के साथ सीधे खाता खोलना है, जो भारत में अपनी सेवाएं देते हैं। हालांकि तब ये सुनिश्चित करें कि विदेशी ब्रोकर सिक्योरिटीज इन्वेस्टर प्रोटेक्शन कॉरपोरेशन (एसआईपीसी) का सदस्य हो, क्योंकि यह ब्रोकर के दिवालिया होने की स्थिति में उपयोगकर्ता के खाते को 500,000 डॉलर तक का बीमा मुहैया करता है।
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