पश्चिम एशिया में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत की हवाई सर्विसों पर भी दिखने लगा है। सुरक्षा कारणों से कई देशों ने अपना एयरस्पेस सीमित कर दिया है, जिससे यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों के रूट प्रभावित हुए हैं। नतीजा यह रहा कि सोमवार को कई इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं।

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दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ी परेशानी

इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्रियों को अचानक रद्द हुई उड़ानों की वजह से परेशानी झेलनी पड़ी। कई लोग एयरपोर्ट पहुंचने के बाद ही जान पाए कि उनकी फ्लाइट कैंसिल हो चुकी है।

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एयरपोर्ट प्रशासन ने सोशल मीडिया के जरिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर साफ कहा है कि यात्री एयरपोर्ट आने से पहले अपनी-अपनी एयरलाइन से फ्लाइट की ताजा जानकारी जरूर लें। हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए शेड्यूल में अचानक बदलाव हो सकता है।

एक दिन में करीब 100 उड़ानें रद्द

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केवल एक दिन में करीब 100 उड़ानें रद्द हुईं। इनमें 60 प्रस्थान और 40 आगमन वाली फ्लाइट्स शामिल थीं। ज्यादातर कैंसल उड़ानें यूरोप और मिडिल ईस्ट से जुड़ी थीं। एयरस्पेस बंद होने और वैकल्पिक रूट की सीमित उपलब्धता के कारण यह फैसला लेना पड़ा।

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Air India ने बढ़ाया रद्दीकरण

Air India ने 2 मार्च 2026 की रात तक मिडिल ईस्ट के कुछ देशों के लिए अपनी सर्विसें स्थगित कर दी हैं। यूएई, सऊदी अरब, इजरायल और कतर जाने वाली उड़ानें फिलहाल नहीं चलेंगी। इसके अलावा यूरोप के कुछ शहरों के लिए निर्धारित उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं।

एयरलाइन ने कहा है कि उत्तर अमेरिका और यूरोप की अन्य सर्विसें जारी रहेंगी, लेकिन वे सुरक्षित और दूसरे मार्ग से चलेंगी होंगी। इससे उड़ान का समय बढ़ सकता है। कुछ लंबी दूरी की फ्लाइट्स में तकनीकी ठहराव भी जोड़ा गया है।

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IndiGo और Akasa Air का फैसला

IndiGo ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे ईमेल और मोबाइल पर मिलने वाले अपडेट पर ध्यान दें। जरूरत पड़ने पर रिफंड या रीशेड्यूल का विकल्प उपलब्ध है।

वहीं Akasa Air ने अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। प्रभावित यात्रियों को बिना अतिरिक्त चार्ज के टिकट बदलने या पूरा पैसा वापस लेने की सुविधा दी गई है।

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यात्रियों के लिए क्या करें?

एयरलाइंस ने साफ किया है कि सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और हेल्पलाइन से जानकारी लें।

फिलहाल जब तक पश्चिम एशिया में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक उड़ानों में देरी और कैंसल रहने की संभावना बनी रह सकती है। ऐसे में यात्रा से पहले पूरी जानकारी लेना बेहद जरूरी है।