Vanilla Cultivation Business : आपने अकसर वनीला आइसक्रीम खाई होगी। यह आइसक्रीम का सबसा रेगुलर फ्लेवर होता है। पर क्या आपने सोचा है कि आखिर वनीला कैसे बनता है, जिससे इस फ्लेवर की आइसक्रीम तैयार होती है। तो बता दें कि वनील का खेती की जाती है। वनीला की खेती से आप अच्छा पैसा कमा सकते हैं। इसकी खेती से किसान लाभ भी कमा रहे हैं। जाहिर सी बात है कि भारत में आइसक्रीम की मांग बहुत अधिक है, तो इसके लिए वनीला चाहिए ही चाहिए। ऐसे में ये आपके लिए अच्छा कमाई का चांस हो सकता है। आगे जानते हैं बाकी डिटेल।
बाजार में इसकी मांग काफी अधिक है। इसी के मद्देनजर बड़ी संख्या में किसान इसकी खेती करने लगे हैं। बाजार भाव का बेहतर होना भी इसे किसानों के लिए आकर्षक बनाता है। इसकी फसल बाजार में आप आराम से 40 हजार रु प्रति किलो तक के रेट पर बेच सकते हैं। इतना रेट किसानों के लिए काफी अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि कई अन्य फसलें आपको इतना दाम नहीं दिला सकतीं।
वनीला दिखने में बेलदार पौधा लगेगा इसके फूलों की सुगंध काफी मनमोहक होती है, जिन्हें सुखा कर पाउडर बनाया जाता है। अच्छी बात यह है कि वनीला कई एंटी-ऑक्सीडेंट्स से लैस होता है, जो इसे हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद बनाते हैं। ये एंटी बैक्टीरियल गुणों से भी लैस होता है। इनसे ये पेट के लिए भी लाभदायक रहता है और पेट साफ रखता है।
वनीला पौधे से एक अर्क (रस) निकलता है। इसी की मार्केट में मांग बहुत अधिक है। असल में यही रस आइसक्रीम में फ्लेवर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं परफ्यूम बनाने में और कई मिठाइयों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। अपनी कीमत के लिहाज से केसर के बाद दूसरी सबसे महंगी फसल के रूप में वनीला का ही नाम आता है। ऐसे में आप भी इससे काफी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैँ।
यदि आप वनीला की खेती करना चाहते हैं तो बता दें कि इसके लिए छायादार जगह बेहतर होती है। आपको तापमान का भी ध्यान रखना है। तापमान मीडियम होना चाहिए, यानी न अधिक गर्मी हो और न ज्यादा ठंडक। वनीला के पौधे के लिए इनमें से कुछ भी सही नहीं। यदि आप शेड हाउस का इंतजाम कर सकें, तो भी आसानी से वनीला का खेती हो जाएगी। जिस छायादार जगह आप इसकी खेती करें वहां सुनिश्चित करें कि इसे हल्की रोशनी भी मिलती रहे।
जैसा कि हमने बताया वनीला बेल होती है। ये इसी फॉर्म में बढ़ता है। जब आप वनीला लगाएं तो पहले खेत में गड्ढे करने होगंगे। इन गड्ढों को कुछ देर धूप लगने दें। फिर गड्ढों में खाद डालनी होगी। फिर बेल को फैलाना है तो इसके लिए तार बांधने होंगे। फिर बेल को फव्वार तकनीक से पानी देना ठीक रहेगा। फिर बेल को तारों के ऊपर फैलाएं। ध्यान रहे कि समय-समय पर अच्छी खाद डालना न भूलें। आप गोबर की खाद या केंचुए वाली खाद भी डाल सकते हैं।
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