आईटी कंपनी इंफोसिस बड़ी संख्‍या में कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है। आपको बता दें कि छंटनी मुख्‍य रुप से उन कर्मचारियों की जाएगी, जिनका वेतन बहुत ज्‍यादा है। इस छंटनी के तहत करीब 2200 कर्मचारी बाहर किए जाएंगे।

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बता दें कि इन्फोसिस में JL6, JL7 और JL8 बैंड्स में कुल 30,092 कर्मचारी हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी जेएल 3 और उसके नीचे के लेवल पर अपने वर्कफोर्स के 2-5 फीसदी हिस्से की छंटनी करेगी। यानी इस लेवल पर कुल 4000 से 10000 कर्मचारी आउट किए जा सकते हैं। बता दें, इंफोसिस में 86,558 कर्मचारी हैं और असोसिएट और मिडल बैंड में कुल 1.1 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं।

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जानकारी के लिए बता दें कि इन्फोसिस में शीर्ष पदों पर 971 अधिकारी हैं। असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट जैसे शीर्ष अधिकारियों को भी बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। इस लेवल पर लगभग 50 कर्मियों की विदाई हो सकती है। कंपनी के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब इतनी संख्या में लोगों को बाहर किया जाएगा।

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कंपनी ने छंटनी को लेकर यह दलील दी है कि कंपनी ने परफोरमेंस के आधार पर कर्मचारियों को बाहर निकाला था। लेकिन इस बार अलग-अलग तरीकों से लोगों को बाहर निकालने का प्लान है। अमेरिका की एचएफएस रिसर्च के सीईओ फिल फर्श्‍ट ने कहा, मौजूदा समय में उद्योग में कॉम्प्लेक्स स्किल स्टाफ की जरूरत है और ट्रेडिशनल सपॉर्ट सर्विसेज के लिए कम स्टाफ की जरूरत है क्योंकि काफी काम ऑटोमेशन से हो रहा है।

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एक तरफ कर्मचारियों की छंटनी की खबर तो दूसरी ओर कंपनी पर प्रबंधन को लगे आरोप को लेकर इंफोसिस कुछ दिनों से सुर्खियों में बनी हुई है।

कुछ दिन पहले पहले ही प्रमुख आईटी कंपनी कोग्निजेंट ने भी 13 हजार कर्मचारियों को बाहर करने की घोषणा की थी।