नयी दिल्ली। महंगाई के मोर्चे पर आम जनता के लिए राहत की खबरें नहीं आ रही है। आपको जनवरी से महंगाई के मामले में एक और झटका लगने जा रहा है। पहले से ही कई सारी सब्जियों, खाद्य तेल, चीनी, दलहन और तिलहन के महंगा होने के बाद अब कई कंपनियाँ रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में इजाफा करने जा रही हैं। इस समय कई सब्जियाँ पिछले साल के इसी समय के मुकाबले 50 फीसदी अधिक कीमत पर बिक रही हैं। इनमें प्याज के दाम एक बार फिर से ऊपर चढ़े हैं। अब जो चीजें जनवरी से महंगी होंगी, उनमें टीवी और फ्रिज शामिल हैं। वहीं नेस्ले, आईटीसी और पारले जैसी कुछ एफएमसीजी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने के बजाय उत्पादों के पैकेट का आकार कम करने को कहा है। क्योंकि पैकेट का साइज छोटा होना कीमतों में बढ़ोतरी के मुकाबले उपभोक्ताओं को कम प्रभावित करता है। अगर कंपनियाँ पैकेट छोटा न करें तो उन्हें कीमतें ही बढ़ानी पढ़ेंगी।

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आखिर क्या है वजह
एफएमसीजी कंपनियों द्वारा अपने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी किये जाने के पीछे असल कारण है कच्चे माल की कीमतो में बढ़ोतरी होना। वे चीजें जो ऐसे उत्पाद बनाने में इस्तेमाल की जाती हैं, उनके दाम बढ़े हैं इसलिए कंपनियों को अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पढ़ रहे हैं। एफएमसीजी कंपनियाँ दूध, चीनी और खाद्य तेल वगेरह इस्तेमाल करती हैं। इनके दाम बढ़ने से अब फाइनल प्रोडक्ट के दाम बढ़ेंगे। हाल ही में अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम बढ़ाये हैं। जनवरी से स्नैक नमकीन, फ्रोजन फूड, केक, साबुन, रेडी टू ईट मील्स, बिस्किट और नूडल्स महंगे हो सकते हैं। बढ़ती लागत से निपटने के लिए कंपनियों को उत्पाद महंगे करने पड़ते हैं।

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टीवी और फ्रिज भी होंगे महंगे
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री के अनुसार वैश्विक स्तर पर टीवी की कीमतें 15-17 फीसदी बढ़ी हैं। इसलिए जनवरी से नये टीवी महंगे ही मिलेंगे। वहीं नये ऊर्जा लेबलिंग मानदंड जनवरी 2020 से लागू होंगे, जिससे फाइव-स्टार रेफ्रिजरेटर की मैन्युफैक्चरिंग 6,000 रुपये तक महंगी होगी। रेफ्रिजरेटर की मैन्युफैक्चरिंग लागत से बढ़ने से नयी फ्रिज खरीदने पर 6,000 रुपये ज्यादा अदा करने पड़ेंगे।