नई द‍िल्‍ली: अगर आपका भी खाता इंडसइंड बैंक में है तो आपके ल‍िए अच्‍छी खबर है। दरअसल प्राइवेट सेक्टर के इंडसइंड बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर ) में 0.05 फीसदी की कटौती की है। यह कटौती एक साल तक एमसीएलआर पर की गई है। अब इंडसइंड बैंक के एक साल के लिए एमसीएलआर दर 8.65 फीसदी से घटाकर 8.60 फीसदी हो गई है। Bank Holidays : मार्च में 11 दिन बंद रहेंगे Bank, चेक करें हॉलिडे की पूरी लिस्ट

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कम हो जाएगी लोन की ईएमआई
बता दें कि बैंक की इस कटौती के साथ ही इंडसइंड बैंक से जुड़े होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई कम हो जाएगी। बैंक की वेबसाइट के अनुसार नई दरें 22 फरवरी, 2021 से प्रभावी हैं। इंडसइंड बैंक के मुताबिक, एक दिन के लिए एमसीएलआर को कम कर 8.25 फीसदी जबकि एक महीने की अवधि के लिए 8.30 फीसदी किया गया है। तीन महीने की अवधि के लिए 8.35 फीसदी, 6 महीने की अवधि के लिए 8.50 फीसदी कर दिया। वहीं एक साल की एमसीएलआर अब 8.60 फीसदी होगी। ज्यादातर कंज्यूमर लोन इसी से जुड़े होते हैं। वहीं तीन साल की एमसीएलआर अब 8.95 फीसदी होगी।

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एचडीएफसी बैंक और केनरा बैंक में घटाई दरें
बता दें कि इस महीने प्राइवेट सेक्टर एचडीएफसी बैंक और सरकारी बैंक केनरा बैंक ने अपने एमसीएलआर में कटौती की है। बता दें कि केनरा बैंक ने एक दिन और एक महीने की अवधि के लिए एमसीएलआर में 0.1 फीसदी की कटौती की है।

क्या होता है एमसीएलआर
बैंकों के एमसीएलआर में उसकी फंड की लागत दी होती है, जिसे बैंक हर महीने घोषित करते हैं। अच्छा करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट डिपॉजिट होने की वजह से छोटे बैंकों के मुकाबले बड़े बैंकों का कम एमसीएलआर होता है। एमसीएलआर को इंटरनल बेंचमार्क माना जाता है क्योंकि कम लागत वाले फंड जुटाने के लिए बैंक की अपनी क्षमता एमसीएलआर में एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। कोई भी बैंक एमसीएलआर पर उधार देता है लेकिन इससे कम पर बैंक उधार नहीं दे सकता है। होम लोन की ब्याज दरें या तो एमसीएलआर के बराबर होंगी या उससे ज्यादा होंगी।