Indo-MIM की आज यानी गुरुवार, 30 जुलाई को NSE और BSE पर लिस्टिंग होने जा रही है। सुबह 9:00 से 9:45 बजे तक स्पेशल प्री-ओपन सेशन के दौरान प्राइस डिस्कवरी होगी। इसके बाद 9:45 से 9:55 बजे तक ऑर्डर्स की मैचिंग की जाएगी। आमतौर पर शेयर की रेगुलर ट्रेडिंग सुबह 10:00 बजे से शुरू होती है। लिस्टिंग के पहले दिन प्राइस बैंड खुला रहने की वजह से शुरुआत में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Advertisement

प्री-ओपन विंडो के दौरान इंडिकेटिव इक्विलिब्रियम प्राइस और वॉल्यूम पर करीब से नजर रखें। ध्यान रहे कि ऑर्डर एंट्री 35वें से 45वें मिनट के बीच किसी भी समय अचानक बंद हो सकती है। इस दौरान जैसे-जैसे ऑर्डर्स अपडेट होंगे, इंडिकेटिव वैल्यू में भी बदलाव आता रहेगा। अगर कोई प्राइस तय नहीं हो पाता है, तो प्राइस डिस्कवरी होने तक सेशन को आगे बढ़ाया जा सकता है। वरना, पहले रेगुलर ट्रेड से ही ओपनिंग प्राइस तय माना जाएगा।

Advertisement
इवेंटसमय (IST)नोट
स्पेशल प्री-ओपन9:00–9:459:35 से 9:45 के बीच कभी भी बंद हो सकता है
ऑर्डर मैचिंग9:45–9:55इक्विलिब्रियम ट्रेड्स की पुष्टि
ट्रांजिशन बफर9:55–10:00रेगुलर मार्केट में जाने की तैयारी
INDO-MIM ट्रेडिंग10:00 बजे सेपहले दिन का प्राइस बैंड खुला रहेगा

Indo-MIM IPO: अलॉटमेंट स्टेटस और शेयर बेचने का तरीका

शेयरों के अलॉटमेंट का आधार 28 जुलाई को फाइनल हो गया था, जबकि रिफंड और क्रेडिट की प्रक्रिया 29 जुलाई तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। आप रजिस्ट्रार MUFG Intime के पोर्टल पर जाकर PAN या एप्लीकेशन नंबर के जरिए अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं। अगर आप लिस्टिंग के दिन शेयर बेचना चाहते हैं, तो प्री-ओपन सेशन में या सुबह 10:00 बजे के बाद लिमिट ऑर्डर लगा सकते हैं। प्री-ओपन में होने वाले सौदे तय किए गए इक्विलिब्रियम प्राइस पर ही एग्जीक्यूट होंगे। याद रखें कि लिस्टिंग गेन पर 20 फीसदी की दर से शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) टैक्स देना होगा।

Indo-MIM IPO: ट्रेडिंग नियम, सेटलमेंट और रिस्क कंट्रोल

इक्विटी मार्केट में डिलीवरी ट्रेड्स के लिए डिफॉल्ट रूप से T+1 सेटलमेंट लागू होता है। हालांकि, कुछ चुनिंदा शेयरों के लिए T+0 का विकल्प भी मौजूद है, लेकिन नई लिस्टिंग आमतौर पर शुरुआत में T+0 के दायरे में नहीं आती हैं। जोखिम को देखते हुए ब्रोकर्स शुरुआत में MIS या कवर ऑर्डर्स (Cover Orders) पर पाबंदी लगा सकते हैं। कई ब्रोकर्स शुरुआती उतार-चढ़ाव कम होने के बाद ही इंट्राडे ट्रेडिंग की अनुमति देते हैं।

Advertisement

Indo-MIM IPO: सेक्टर और इन शेयरों पर रखें नजर

ऑफर डॉक्यूमेंट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार में Indo-MIM का कोई सीधा मुकाबला (direct peer) नहीं है। हालांकि, सेक्टर के रुझान को समझने के लिए आप Craftsman और Sansera जैसे प्रिसिजन प्लेयर्स के शेयरों पर नजर रख सकते हैं। Sintercom India भी एक विकल्प है जो सिंटर्ड पार्ट्स बनाती है। Indo-MIM ऑटो, मेडिकल, डिफेंस और एयरोस्पेस जैसे अहम सेक्टर को अपनी सेवाएं देती है, जिससे इन सेक्टर्स का सेंटिमेंट भी प्रभावित हो सकता है। कृपया निवेश का फैसला खुद लें; बाजार में जोखिम होता है और यह कोई निवेश सलाह नहीं है।