Nepal Tourism: नेपाल की सरकार अब भारतीय पर्यटकों के लिए बड़ा फैसला लेने जा रही है। जल्द ही भारतीय टूरिस्ट जो सड़क के रास्ते नेपाल जाते हैं, उन्हें अपने साथ 4.25 लाख रुपए तक कैश ले जाने की इजाजत मिल सकती है। अभी तक यह सुविधा सिर्फ हवाई मार्ग से जाने वाले यात्रियों के लिए थी।

Advertisement

अभी क्या है नियम?

भारत से नेपाल जाने वाले यात्री अभी सिर्फ 25,000 रुपए कैश लेकर जा सकते हैं। लेकिन इस रकम को काफी माना जाता है क्योंकि कुछ लोग घूमने फिरने के रुप में जाते हैं और वहां शॉपिंग, होटल और घूमने पर खर्च करना चाहते हैं।

Advertisement

हवाई यात्रियों को पहले से मिल रही है छूट

अगर कोई व्यक्ति फ्लाइट से नेपाल जाता है, तो उसे 4.25 लाख रुपए तक नकद ले जाने की इजाजत पहले से ही है। ऐसे में सड़क मार्ग से जाने वाले यात्रियों के लिए अलग नियम होना लंबे समय से सवालों के घेरे में था।

व्यापारिक संगठन ने उठाई आवाज

नेपाल के एक प्रमुख व्यापार संगठन फेडरेशन ऑफ नेपाली चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FNCCI) ने सरकार से अपील की है कि इस नियम में बदलाव किया जाए। संगठन के अध्यक्ष, चंद्र प्रसाद ढकाल ने कहा कि कम कैश लिमिट के कारण भारतीय पर्यटक नेपाल में उतना खर्च नहीं कर पाते जिससे स्थानीय व्यापार को नुकसान होता है।

Advertisement

वित्त मंत्री से हुई बातचीत

FNCCI ने यह मांग नेपाल के वित्त मंत्री विष्णु पौडेल के सामने रखी है। संगठन ने कहा कि जब हवाई मार्ग से आने वाले लोगों को ज्यादा कैश लाने की छूट है, तो जमीन से आने वालों के लिए क्यों नहीं? सभी पर्यटकों को बराबर सुविधा मिलनी चाहिए।

पर्यटन और स्थानीय बाजार को मिलेगा बढ़ावा

अगर यह नया नियम लागू होता है, तो नेपाल में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अधिक कैश साथ लाने वाले टूरिस्ट वहां के होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, शॉपिंग और अन्य सेवाओं पर ज्यादा खर्च कर सकेंगे। इससे नेपाल के व्यापारियों और लोकल इकोनॉमी को सीधा फायदा पहुंचेगा।

Advertisement

सीमा पर सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत

चंद्र प्रसाद ढकाल ने यह भी सुझाव दिया कि भारत-नेपाल सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए। सड़कें बेहतर हों, चेकिंग सिस्टम आसान हो और यात्रियों को ज्यादा सहूलियत मिले। इससे ज्यादा से ज्यादा भारतीय पर्यटक नेपाल जाना पसंद करेंगे।

बदलाव से बढ़ेगा भरोसा और कारोबार

अगर नेपाल सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो यह न सिर्फ भारतीय पर्यटकों के लिए राहत भरा होगा, बल्कि नेपाल की पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। ज्यादा नकद ले जाने की इजाजत से वहां का होटल, ट्रांसपोर्ट और मार्केट सेक्टर फिर से तेजी पकड़ सकता है।