6G Development In India: 5G अभी भी पूरे भारत में धीर-धीरे आगे बढ़ रहा है लेकिन अब टेलीकॉम कंपनियां 6G के विकास की खोज कर रही हैं। इसमें AI पर भी बहुत अधिक निर्भरता होने की उम्मीद है। बिजनेस विशेषज्ञों का अनुमान है कि 6G नेटवर्क AI एल्गोरिदम द्वारा चलेंगे।

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SAARC के प्रबंध निदेशक ने दी ये जानकारी

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जुनिपर नेटवर्क्स में भारत और SAARC के प्रबंध निदेशक और कंट्री मैनेजर साजन पॉल के अनुसार, पिछले कुछ सालों में, भारत में 5G की बड़े पैमाने पर जोर दिया जा रहा है, जो शायद वैश्विक स्तर पर सबसे तेज में से एक है। 5G स्पेस में नए उपयोग के मामलों पर चर्चा की जा रही है और कई टेलीकॉम कंपनियों को इसे शुरू करना बाकी है, वे अभी भी अपना 5G इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही हैं। जबकि दो कंपनी- एयरटेल और जियो के पास एक बड़ा आधार है और वह अन्य पर भी पकड़ बना रहे हैं। 5G नेटरवर्किंग अभी भी प्रगति पर है।

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6G के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके आसपास नए स्ट्रेंटर्ड्स को डिफाइन करने पर फोकस किया गा है। ये प्रमुख मीट्रिक है जिनका उपयोग लोग रेडियो टेक के लिए करेंगे ताकि इमेजिंग जैसे कैपेसिटी- सेंसेटिव एप्लिकेशन बेहतर तरीके से काम कर सकें। इसमें वायरलेस ब्रॉडबैंड को अगले स्तर पर ले जाया जा सकता है। हालांकि, 6G अभी भी विकास के चरण में है, और अभी भी इसपर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हो सकता है कि स्पेक्ट्रम गीगाहर्ट्ज से टेराहर्ट्ज तक जाएगा।

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स्टैंडर्ड लाइजेशन अभी भी हो रहा है, और कोई भी कॉमर्शियल लॉन्च 2029-30 तक होगा। टेक विकास के अधीन है और उपयोग के मामले विकसित और परीक्षण किए जा रहे हैं।

सरल IoT इंटीग्रेशन को भी किया जा रहा है सुनिश्चित

नितिन बंसल, एमडी, भारत और प्रमुख-नेटवर्क, दक्षिण पूर्व एशिया, ओशिनिया और भारत, एरिक्सन ने कहा, यह टीम स्वीडन और अमेरिका में हमारे रिसर्विशेषज्ञों के साथ मिलकर साइबर-भौतिक सातत्य प्रदान करने, महत्वपूर्ण सेवाएं, इमर्सिव संचार और सरल IoT इंटीग्रेशन सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकियां विकसित कर रही है।

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हमारी भारत 6G शोध टीम चैनल मॉडलिंग और हाइब्रिड बीमफॉर्मिंग, कम ऊर्जा नेटवर्क, क्लाउड विकास और संधारणीय कंप्यूट, भरोसेमंद और पूर्वाग्रह मुक्त AI एल्गोरिदम, एकीकृत सेंसिंग और संचार कार्य और एज-कंप्यूटिंग क्लाउड पर कंप्यूट ऑफलोड सहित परियोजनाओं का नेतृत्व कर रही है।

उन्होंने कहा कि 6G अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए एरिक्सन ने भारतीय संस्थानों के साथ भागीदारी की है। बंसल ने बताया है कि AI अनुसंधान महत्वपूर्ण है क्योंकि 6G नेटवर्क नई तरह से AI एल्गोरिदम द्वारा संचालित होंगे। AI, कंप्यूट और रेडियो रिसर्च पर IIT खड़गपुर के साथ सहयोग कर रहे हैं, 6G नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण उपन्यास AI और वितरित कंप्यूट तकनीक विकसित कर रहे हैं।

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एरिक्सन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के पहले तीन महीनों में वैश्विक स्तर पर लगभग 160 मिलियन 5G ग्राहक जोड़े गए जिससे कुल संख्या 1.7 बिलियन से अधिक हो गई। 2024 में कुल मिलाकर लगभग 600 मिलियन नए सब्सक्रिप्शन की उम्मीद है। भारत में 5G सब्सक्रिप्शन की उम्मीद है।