भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है, क्योंकि ट्रेड नियमों में बदलाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने एक साथ दस्तक दी है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने के लिए चांदी के आयात पर पाबंदी लगा दी है। दूसरी ओर, कच्चा तेल दो हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे कई सेक्टरों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। ग्लोबल मार्केट में जारी इस उठापटक के बीच आज निवेशकों की नजर ज्वेलरी और एनर्जी सेक्टर के शेयरों पर टिकी रहेगी।

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आयात पर लगी इन पाबंदियों का सीधा असर टाइटन और कल्याण ज्वेलर्स जैसे बड़े दिग्गजों पर पड़ेगा। ऐसी कंपनियों को अपनी इन्वेंट्री लागत मैनेज करने के लिए बुलियन की सप्लाई पर निर्भर रहना पड़ता है। बाजार के जानकारों को उम्मीद है कि आज के सत्र में सेनको गोल्ड और राजेश एक्सपोर्ट्स जैसे शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इन बड़े कंज्यूमर ब्रांड्स पर नजर रखने वालों के लिए अब सप्लाई चेन को ट्रैक करना बेहद जरूरी हो गया है।

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कच्चे तेल में उछाल: एनर्जी सेक्टर के लिए क्या हैं संकेत?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर तेल कंपनियों पर अलग-अलग तरह से होगा। ONGC जैसी अपस्ट्रीम कंपनियों को ऊंची कीमतों का फायदा मिलेगा, जिससे उनकी कमाई बढ़ सकती है। इसके उलट, BPCL जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के मार्जिन में गिरावट आ सकती है। बाजार के इस बदलते मिजाज को देखते हुए इंट्राडे ट्रेडर्स को ट्रेडिंग की शुरुआत में ही स्टॉप-लॉस का खास ध्यान रखना चाहिए।

ईंधन की बढ़ती लागत पेंट और एविएशन सेक्टर के लिए भी सिरदर्द बन सकती है। जब कच्चे माल की लागत बढ़ती है, तो एशियन पेंट्स और बर्जर पेंट्स जैसे शेयरों को अक्सर संघर्ष करना पड़ता है। इसी तरह, जेट फ्यूल महंगा होने से इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) और स्पाइसजेट के खर्च बढ़ सकते हैं। ट्रेडिंग सेशन की शुरुआत में इन शेयरों में गिरावट के रुझान पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।

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स्टॉक कैटेगरीप्रमुख कंपनियांबाजार की उम्मीद
ज्वेलरीटाइटन, कल्याण ज्वेलर्सभारी इंट्राडे उतार-चढ़ाव
एनर्जी (अपस्ट्रीम)ONGC, ऑयल इंडियाबेहतर प्राइस रियलाइजेशन
एविएशनइंडिगो, स्पाइसजेटबढ़ती ऑपरेशनल लागत

सिल्वर इंपोर्ट पर लगाम और मेटल ट्रेड का हाल

हिंडाल्को और टाटा स्टील जैसी मेटल कंपनियां ग्लोबल ट्रेड और करेंसी में होने वाले बदलावों के प्रति काफी संवेदनशील रहती हैं। भारतीय रुपया (INR) रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब बना हुआ है, जिससे आयातकों पर दबाव बढ़ गया है। नए प्रतिबंधों के बीच ट्रेड वॉल्यूम पर होने वाले असर के कारण अडानी पोर्ट्स भी रडार पर रहेगा। एनालिस्ट्स का मानना है कि बाजार की दिशा समझने के लिए आज अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड पर नजर रखना जरूरी है।

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आज से NFP Sampoorna Foods का IPO भी सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। लिस्टिंग गेन की तलाश कर रहे निवेशकों को बोली लगाने से पहले कंपनी के फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स का बारीकी से अध्ययन करना चाहिए। निफ्टी 50 इन बड़े मैक्रो बदलावों के बीच उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। इस तेज रफ्तार बाजार में अपनी पूंजी सुरक्षित रखने के लिए सख्त रिस्क मैनेजमेंट का पालन करना ही सबसे बड़ी समझदारी है।