Bhutanese journalist's opinion on Indian Rupee: भारत को इस बात का अहसास भी नहीं है कि भारतीय रुपया साउथ एशियाई देशों के लिए डॉलर की तरह है। लेकिन शायद इस बात का अहसास भारत को नहीं है। भारतीय रुपये के बारे में यह राय एक भूटान के पत्रकार ने व्यक्त की है।
भूटान में एक अखबार के संपादक तेनजिंग लामसांग भूटान के मीडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। इनका मानना है कि साउथ एशिया के छोटे देश भारतीय रुपये को लीगल टेंडर के रूप में स्वीकार करते हैं। इससे भारत पर इन देशों में जाने वाले पर्यटकों का भारी सुविधा होती है।
इन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भूटान में होटल से लेकर सभी दुकानदार तक भारतीय रुपये को स्वीकार करते हैं। इनके अनुसार खास करके बार्डर इलाके में भारतीय रुपये में ट्रेड काफी आसानी से किया जाता है। ऐसा ही नेपाल के साथ भी है।
तेनजिंग लामसांग के अनुसार हालांकि इस व्यवस्था पर पहली चोट मोदी सरकार की 2016 में नोटबंदी की घोषणा से लगी। इनके अनुसार भूटान में कारोबारी और यहां तक की आम भूटान के लोग भी 500 रुपये और 1000 रुपये का नोट अपने पास रखे हुए थे।
लेकिन नोबबंदी के दौरान इन लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इन नोटों को बदलने का तरीका काफी कठिन था। भारत सरकार चाहती थी कि हर नोट की अकाउंटिंग हो।
इसके बाद भारतीय रुपये को लेकर लोगों का विश्वास डगमगा गया। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था। यही कारण है कि लोगों में भारतीय करेंसी को लेकर भरोसा डगमगा गया।
हालांकि नोटबंदी को भूलकर लोग फिर से सामान्य कारोबार की तरफ लौट रहें हैं, और 2000 रुपये का नोट भी स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर से नोटबंदी जैसा कदम उठाया गया है।
तेनजिंग लामसांग का कहना है कि भूटान में कोई भी भारतीय बैंक नहीं है। जहां तक भूटान के केन्द्रीय बैंक की बात है तो शायद ही वह नोट की अदला बदली में रुचि ले। यह अलग बात है कि भूटान के कारोबारियों के पास ढेर सारे 2000 रुपये नोट बचे हुए हैं। यह नोट भारतीय पर्यटक यहां पर देकर जाते हैं। ऐसे में यह नोट एक बार फिर से बेकार साबित हो सकते हैं।
तेनजिंग लामसांग के अनुसार अगर भारत यह चाहता है कि रुपये एक ग्लोबल रिजर्व करेंसी बनें, तो उसे इन बातों पर ध्यान रखना होगा।
तेनजिंग लामसांग ने अपने लेख में बताया है कि भूटान का केन्द्रीय बैंक 2000 रुपये के नोट को बदलने की सुविधा नहीं देता है। ऐसा करने से आरबीआई ने रोका है। वहीं 100 रुपये के नोट कितनी भी मात्रा में बदले जा सकते हैं। इसके अलावा 200 रुपये और 500 रुपये के नोट सीमित मात्रा में बदले जा सकते हैं।
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