MTNL loan default Rise: सार्वजनिक क्षेत्र की टेलिकॉम कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) ने सोमवार को अपने लोन डिफॉल्टर में बढ़ोतरी की जानकारी दी है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि 31 जुलाई, 2025 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का बकाया बढ़कर 8,659 रुपये हो गया।

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कंपनी ने बताया कि इस राशि में 7,794.34 करोड़ रुपये प्रिंसिपल अमाउंट और 864.75 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है। यह आंकड़ा 30 जून, 2025 को दर्ज किए गए 8,584.93 करोड़ रुपये के चूक से बढ़कर है, जिसमें 7,794.34 करोड़ रुपये प्रिंसिपल अमाउंट और 790.59 करोड़ रुपये ब्याज शामिल थे।

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लोन डिफॉल्टर में ये बैंक शामिल

इस लोन डिफॉल्टर में 77.94 अरब रुपये का प्रिंसिपल अमाउंट और 8.65 अरब रुपये का ब्याज शामिल है, जो कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित लेंडर को दिया गया है।

MTNL का टोटल लोन

MTNL ने यह भी बताया कि जुलाई के अंत तक उसका कुल लोन 34,577 करोड़ रुपये था। यह जून के अंत में बताए गए 34,484 करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा है। जिसमें सॉवरेन गारंटी वाले बॉन्ड और दूरसंचार विभाग से लिए गए लोन भी शामिल हैं।

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कर्ज में डूबी यह कंपनी, जो लंबे समय से ग्राहकों की घटती संख्या, बढ़ते घाटे और भारत के कंपटीशन टेलिकॉम मार्केट में घटती रेलिवेंससे जूझ रही है, बड़े पैमाने पर सरकारी सहायता और लोन रोल-ओवर पर टिकी हुई है।

लोन चुकाने पर कंपनी ने क्या कहा?

इस महीने की शुरुआत में एक और खबर आई थी कि MTNL का लोन समाधान अगले तीन से चार महीनों में होने की संभावना है। हालांकि फिलहाल कोई विशेष जानकारी नहीं है।

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MTNL क्या है?

MTNL का मतलब है महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड। यह भारत में एक सरकारी स्वामित्व वाली दूरसंचार सेवा देने वाली कंपनी है, जो मुख्य रूप से दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरीय क्षेत्रों में सर्विस देती है।