मुंबई के बाजार में 2,500 करोड़ रुपये की हालिया हलचल के बीच अब सबकी नजरें महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं। भारत 12 जून को मई महीने के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) यानी खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी करने जा रहा है। ये आंकड़े ऐसे समय में आ रहे हैं जब उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी ने ताजी सब्जियों और खाने-पीने की चीजों की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। जानकारों को डर है कि सब्जियों की बढ़ती कीमतें महंगाई को तय लक्ष्य से ऊपर रख सकती हैं।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) आज शाम 5:30 बजे ये आधिकारिक आंकड़े जारी करेगा। ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि मई में महंगाई दर 4.8 प्रतिशत से 4.9 प्रतिशत के बीच रह सकती है। हालांकि यह पिछले साल के मुकाबले कम है, लेकिन फिर भी रिजर्व बैंक के आदर्श लक्ष्य से काफी ऊपर है। अगर महंगाई 5 प्रतिशत के स्तर को पार करती है, तो ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को बड़ा झटका लग सकता है।
भीषण गर्मी और ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन, क्या और महंगी होगी थाली?
रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की वजह से टमाटर जैसी जल्दी खराब होने वाली सब्जियों की पैदावार और सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। ईंधन की कीमतों में स्थानीय स्तर पर हुए बदलावों के कारण ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी बढ़ा है, जिससे सप्लाई चेन दबाव में है। अगर सब्जियों के दाम इसी तरह बढ़ते रहे, तो फूड बास्केट का भार इंडेक्स को और ऊपर ले जाएगा। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा और शहरी बाजारों में ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता कम होगी।
| कैटेगरी | संभावित असर | मुख्य कारण |
|---|---|---|
| सब्जियां | काफी ज्यादा | भीषण गर्मी |
| ईंधन और बिजली | मामूली बढ़ोतरी | स्थानीय बदलाव |
| कोर CPI | स्थिर | स्थिर मांग |
RBI की पॉलिसी और आपकी EMI पर क्या होगा असर?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का मुख्य फोकस महंगाई को स्थायी रूप से कम करने पर है। अगर महंगाई के आंकड़े ऊंचे रहते हैं, तो आपकी लोन की किस्त (EMI) फिलहाल कम होने के आसार नहीं हैं। इसके अलावा, महंगाई ज्यादा रहने की स्थिति में आम बचतकर्ताओं के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरें भी ऊंची बनी रह सकती हैं। इन आंकड़ों का सीधा असर भारतीय रुपये और बॉन्ड यील्ड पर भी देखने को मिलेगा।
अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा आते हैं, तो इससे रुपये को मजबूती मिल सकती है लेकिन घरेलू बॉन्ड की कीमतें गिर सकती हैं। इसके विपरीत, आंकड़े कम रहने पर उन कर्जदारों को बड़ी राहत मिलेगी जो सस्ते लोन का इंतजार कर रहे हैं। अब बाजार की नजरें मानसून की प्रगति पर भी हैं, क्योंकि इसी से भविष्य में कीमतों का रुख तय होगा। अगस्त में होने वाली रिजर्व बैंक की अगली पॉलिसी बैठक के लिए ये आंकड़े सबसे बड़े ट्रिगर साबित होंगे।
More Articles
- Bajaj Auto के दमदार नतीजे! शानदार कमाई के बाद Stock में क्या होगा?
- Bank Stocks: Private Banks में HDFC-ICICI या PSU में SBI-PNB, किस बैंक में करें निवेश?
- Instamart LPG delivery: अब 10 मिनट में घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर! Instamart से ऐसे करें HPCL LPG सिलेंडर ऑर्डर
- Nitin Gadkari: अब 100% पेट्रोल होगा महंगा? नितिन गडकरी का बड़ा बयान! पेट्रोल चाहिए तो चुकानी होगी ज्यादा कीमत
- UPI Payment: बिना इंटरनेट भी होगा UPI पेमेंट? जानिए NPCI का नया प्लान
- LPG Price Today: 15 जुलाई को बदले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम? जानें अपने शहर का नया रेट