नई दिल्ली: चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में उम्मीद से बेहतर रिकवरी होने और महामारी वैक्सीन बनने की उम्मीद से इंडिया रेटिंग्स ने फिस्कल ईयर 2021 के लिए जीडीपी ग्रोथ रिवाइज करके बढ़ा दिया है। पहले अर्थव्यवस्था की ग्रोथ -11.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था जिसे बढ़ाकर अब -7.8 प्रतिशत कर दिया।
इस साल सितंबर तिमाही में उम्मीद से बेहतर रिकवरी होने और कोरोनावायरस वैक्सीन बनने की उम्मीद से इंडिया रेटिंग्स ने फिस्कल ईयर 2021 के लिए जीडीपी ग्रोथ रिवाइज करके बढ़ा दिया है। पहले अर्थव्यवस्था की ग्रोथ -11.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था जिसे बढ़ाकर अब -7.8 प्रतिशत कर दिया। इन सब के बीच हालांकि सवाल यह है कि यह ग्रोथ कितनी टिकाऊ है। क्योंकि पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ -23.9 फीसदी थी और दूसरी तिमाही में यह सुधरकर -7.5 फीसदी हो गई। फेस्टिव सीजन होने के कारण दूसरी तिमाही के दौरान ग्रोथ में सुधार हुआ।
इंडिया रेटिंग्स के रिपोर्ट के मुताबिक महामारी के तुरंत खत्म होने की संभावना कम है और आर्थिक गतिविधियों को फिलहाल इसी के साथ रहना होगा। इस आधार पर इंडिया रेटिंग्स को उम्मीद है कि तीसरी तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ -0.8 फीसदी रहेगी और चौथी तिमाही में यह 0.3 फीसदी रह सकती है। इससे पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि फिस्कल ईयर 2022 की दूसरी तिमाही में ही ग्रोथ सकारात्मक हो सकती है।
इंडिया रेटिंग्स द्वारा इस अनुमान के रिवाइज से ठीक एक दिन पहले आरबीआई ने अपने बुलेटिन में कहा है कि तीसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था पॉजिटिव दायरे में आ सकती है। इस बुलेटिन में अर्थव्यवस्था की स्थिति शीर्षक से एक आर्टिकल में यह बात कही गयी है।
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