India's foreign exchange reserves : इंडिया का विदेशी मुद्रा भंडार 7 अक्टूबर 2022 को खत्म हुए हफ्ते में 20.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 532.868 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया। यह जानकारी रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से दी गई है। इस जानकारी के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार में यह बढ़त गाल्ड रिजर्व की वैल्यू बढ़ने की वजह से हुई है।
वहीं इससे पिछले हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 4.854 अरब डॉलर कम होकर 532.664 अरब डॉलर बचा था। विदेशी मुद्रा भंडार पिछले कई हफ्तों से लगातार गिर रहा था। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1 साल पहले अक्टूबर 2021 में 645 अरब डॉलर के टॉप पर था।

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मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में

जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।

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आरबीआई ने जारी किए आंकड़े

आरबीआई ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उनके अनुसार 7 अक्टूबर 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 1.311 अरब डॉलर घटकर 471.496 अरब डॉलर के स्तर पर आ गई हैं। एफसीए विदेशी मुद्रा भंडार का एक अहम हिस्सा होता है। इसमें डॉलर के संदर्भ में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में वृद्धि या मूल्यह्रास का प्रभाव शामिल किया जाता है।

विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 6 देश
  1. चीन 3.19 ट्रिलियन डॉलर
  2. जापान 1.23 ट्रिलियन डॉलर
  3. स्विट्जरलैंड 949,111 बिलियन डॉलर
  4. ताइवान 541,110 बिलियन डॉलर
  5. रूस 540,700 बिलियन डॉलर
  6. भारत 532,867 बिलियन डॉलर
जानिए गोल्ड रिजर्व की वैल्यू कितना बढ़ी

आरबीआई के अनुसार 7 अक्टूबर 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 1.35 अरब डॉलर बढ़कर 38.955 अरब डॉलर हो गई है। आरबीआई के अनुसार, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 15.5 करोड़ डॉलर की गिरावट के साथ 17.582 अरब डॉलर बचा है। इसके अलावा समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के पास रखी भारत की आरक्षित निधि 10 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.836 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई है।