नई दिल्ली, मार्च 13। एक तरफ जहां रूस और यूक्रेन में विवाद चल रहा है, जिसके चलते कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है वहीं विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में अच्छी खबर है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बीते हफ्ते करीब 39.4 करोड़ डॉलर बढ़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार इस बढ़त के साथ देश का विदेशी मुद्रा भंडार 631.92 अरब डॉलर हो गया है। वहीं इससे पूर्व 25 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.425 अरब डॉलर कम होकर 631.527 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था। जाहं तक ऑलटाइम हाई की बात है तो यह 3 सितंबर, 2021 को 642.453 अरब डॉलर के स्तर पर था।

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विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश

  • चीन 3.39 ट्रिलियन डॉलर
  • जापान 1.40 ट्रिलियन डॉलर
  • स्विटरलैंड 1.10 ट्रिलियन डॉलर
  • रूस 643,200 बिलियन डॉलर
  • भारत 631,920 बिलियन डॉलर

मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में

जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।

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ये हैं आरबीआई के आंकड़े

आरबीआई की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि की मुख्य वजह विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) का बढ़ना रही। यह कुल मुद्राभंडार का बड़ा हिस्सा होती है। आंकड़ों के अनुसार 18 फरवरी 2022 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान एफसीए 63.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 565.466 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया। डॉलर में अभिव्यक्त विदेशी मुद्रा भंडार में रखे जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्रा के मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को शामिल किया जाता है।

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हालांकि गोल्ड रिजर्व में दर्ज हुई कमी

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार इस दौरान गोल्ड रिजर्व में कमी दर्ज हुई है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार गोल्ड रिजर्व 14.7 करोड़ डॉलर कम होकर 42.32 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया।