नई दिल्ली, सितंबर 5। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 अगस्त 2021 को खत्म हुए हफ्ते में 16.663 अरब डॉलर बढ़कर 633.558 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर आ गया। यह एक नया रिकॉर्ड है। रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से यह जानकारी आंकड़े जारी दी गई है। इन आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार में यह बढ़त विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) होल्डिंग में बढ़ोत्तरी के कारण हुई है। आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन हफ्ते में भारत की एसडीआर हिस्सेदारी 17.866 अरब डॉलर से बढ़कर 19.407 अरब डॉलर के स्तर पर आ गई है। वहीं साप्ताहिक आधार पर डॉलर के मुकाबले रुपये में 67 पैसे की बढ़त भी दर्ज की गई है।

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विदेशी मुद्रा के मामले में टॉप 5 देश

चीन 3.37 ट्रिलियन डॉलर
जापान 1.38 ट्रिलियन डॉलर
स्विटरलैंड 1.08 ट्रिलियन डॉलर
भारत 633.558 बिलियन डॉलर
रूस 615.600 बिलियन डॉलर

जानिए इतना कैसे बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएप) सदस्य देशों को सामान्य एसडीआर का आवंटन करता है। एसडीआर हिस्सेदारी किसी देश के विदेशी मुद्रा भंडार का एक घटक होती है। आरबीआई के अनुसार इससे पहले 20 अगस्त 2021 को खत्म हुए हफ्ते में इंडिया का विदेशी मुद्रा भंडार 2.47 अरब डॉलर कम होकर 616.895 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था। विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां का बड़ा हिस्सा होता है। समीक्षाधीन हफ्ते के दौरान नयह 1.409 अरब डॉलर कम होकर 571.6 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। आरबीआई की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार डॉलर के लिहाज से बताई जाने वाली विदेशी मुद्रा संपत्ति में विदेशी मुद्रा भंडार में रखी यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्राओं के मूल्य में वृद्धि या कमी का प्रभाव भी शामिल किया जाता है।

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भारत का स्वर्ण भंडार बढ़ा

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार इस दौरान भारत का गोल्ड रिजर्व 19.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 37.441 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। इसके अलावा भारत का आईएमएफ के पास आरक्षित भंडार 1.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.11 अरब डॉलर हो गया है।