नई दिल्ली, मार्च 20। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ा झटका लगा है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11 मार्च 2022 को खत्म हुए हफ्ते में 9.646 अरब डॉलर कम होकर 622.275 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। यह जानकारी रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी आंकड़ों में दी गई है।

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विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश

  • चीन 3.39 ट्रिलियन डॉलर
  • जापान 1.40 ट्रिलियन डॉलर
  • स्विटरलैंड 1.10 ट्रिलियन डॉलर
  • रूस 643,200 बिलियन डॉलर
  • भारत 622,275 बिलियन डॉलर

मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में

जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।

जानिए पहले क्या था विदेशी मुद्रा भंडार का हाल

इससे पहले 4 मार्च 202 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 39.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 631.92 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था। जहां तक भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के ऑलटाइम हाई की बात है तो यह 3 सितंबर, 2021 को खत्म हुए हफ्ते के दौरान 642.453 अरब डॉलर के स्तर पर था।

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जानिए विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का बड़ा कारण

आरबीआई की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) के घटने की वजह से आई है, जो कुल विदेशी मुद्रा भंडार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। डॉलर में अभिव्यक्त विदेशी मुद्रा भंडार में रखे जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्रा के मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को शामिल किया जाता है।

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हालांकि गोल्ड रिजर्व बढ़ा

समीक्षाधीन हफ्ते के दौरान भारत का गोल्ड रिजर्व 1.522 अरब डॉलर बढ़कर 43.842 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया है। वहीं समीक्षाधीन सप्ताह में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 5.3 करोड़ डॉलर घटकर 18.928 अरब डॉलर के स्तर पर रह गया। वहीं आईएमएफ में रखे देश का मुद्रा भंडार 70 लाख डॉलर घटकर 5.146 अरब डॉलर बचा है।

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