India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपियन यूनियन ने 18 साल के ब्रेक के बाद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिसमें दोनों देश कई तरह के टैरिफ में कटौती और उन्हें खत्म करने पर सहमत हुए हैं। EU का कहना है कि इस कदम से भारतीय बाजार में एक्सपोर्ट में तेजी से बढ़ोतरी होगी और अस्थिर ग्लोबल ट्रेड व्यवस्था के बीच आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।

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यूरोपियन यूनियन के अनुसार, यह समझौता भारत को एक्सपोर्ट होने वाले 90% से ज्यादा EU सामानों पर ड्यूटी हटा देगा या कम कर देगा। उम्मीद है कि इस डील से 2032 तक भारत को EU का एक्सपोर्ट दोगुना हो जाएगा और इसमें भारत के एमिशन कम करने की कोशिशों को सपोर्ट करने के लिए क्लाइमेट सपोर्ट फंडिंग भी शामिल है।

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इंडिया-EU ट्रेड डील से क्या-क्या होगा सस्ता?

  • EU एक्सपोर्टर्स हर साल ड्यूटी में 4 बिलियन यूरो तक बचाएंगे।
  • भारत ने किसी भी पार्टनर को अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड ओपनिंग दी है।
  • एक्सपोर्ट को तेज और सस्ता बनाने के लिए आसान कस्टम प्रोसेस
  • बीयर टैरिफ 50% तक कम किए जाएंगे
  • स्पिरिट्स टैरिफ 40% तक कम किए जाएंगे
  • वाइन टैरिफ 20-30% तक कम किए जाएंगे
  • मोटर वाहनों पर टैरिफ 110% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा, जिसमें सालाना 250,000 वाहनों का कोटा होगा।
  • जैतून का तेल, मार्जरीन और वनस्पति तेलों पर टैरिफ खत्म किए जाएंगे।
  • फलों के जूस और प्रोसेस्ड फूड पर टैरिफ खत्म किए जाएंगे।
  • लगभग सभी EU केमिकल प्रोडक्ट्स पर टैरिफ खत्म किए जाएंगे।
  • मशीनरी पर 44% तक की ड्यूटी ज्यादातर खत्म कर दी जाएगी।
  • केमिकल्स पर 22% तक की ड्यूटी ज्यादातर खत्म कर दी जाएगी।
  • फार्मास्यूटिकल्स पर 11% तक की ड्यूटी ज्यादातर खत्म कर दी जाएगी।
  • लगभग सभी प्रोडक्ट्स के लिए एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट पर टैरिफ खत्म किए जाएंगे।
  • भारत को EU के 90% से ज्यादा सामानों के एक्सपोर्ट पर टैरिफ खत्म या कम किए जाएंगे।
  • अगले दो सालों में भारत को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने में मदद करने के लिए 500 मिलियन यूरो की EU सहायता की योजना है।
  • EU ट्रेडमार्क, डिजाइन, कॉपीराइट और ट्रेड सीक्रेट्स के लिए मजबूत सुरक्षा होगी।
  • ऑनलाइन कॉमर्स सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल ट्रेड चैप्टर शुरु होगी।

खाने-पीने पर अब कितना लगेगा टैरिफ?

  • वाइन- 20% (प्रीमियम रेंज) और 30% (मीडियम रेंज)
  • स्पिरिट्स- 40%
  • बीयर- 50%
  • जैतून का तेल, मार्जरीन और अन्य वनस्पति तेल- 0%
  • कीवी और नाशपाती- 10% इन-कोटा
  • फलों का रस और नॉन-अल्कोहलिक बीयर- 0%
  • प्रोसेस्ड खाना (ब्रेड, पेस्ट्री, बिस्कुट, पास्ता, चॉकलेट, पालतू जानवरों का खाना)- 0%
  • सॉसेज और मांस से बने अन्य उत्पाद- 50%

इन पर भी कम हुआ टैरिफ

  • मशीनरी और इलेक्ट्रिकल उपकरण- लगभग सभी उत्पादों के लिए 0%
  • विमान और अंतरिक्ष यान- लगभग सभी उत्पादों के लिए 0%
  • ऑप्टिकल, चिकित्सा और सर्जिकल उपकरण- 90% उत्पादों के लिए 0%
  • प्लास्टिक- लगभग सभी उत्पादों के लिए 0%
  • मोती, कीमती पत्थर और मटल- 20% उत्पादों के लिए 0% और अन्य 36% उत्पादों के लिए टैरिफ में कमी
  • रसायन- लगभग सभी प्रोडक्ट के लिए 0%
  • मोटर वाहन- 10% (250k का कोटा)
  • लोहा और स्टील- लगभग सभी उत्पादों के लिए 0%
  • फार्मास्यूटिकल्स- लगभग सभी उत्पादों के लिए 0%

भारत-EU ट्रेड डील पर एक्सपर्ट की राय

ध्रुव एडवाइजर्स के चेयरमैन और CEO दिनेश कनाबर ने कहा कि "भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ट्रेडिंग कॉरिडोर में से एक को खोलता है। भारत के लिए, जो लंबे समय से सेवाओं में एक ग्लोबल लीडर रहा है, यह समझौता उसके कुशल प्रोफेशनल्स, टेक्नोलॉजी सेवाओं के लिए यूरोपीय बाजार तक पहुंच का विस्तार करता है, ऐसे समय में जब ह्यूमन कैपिटल और डिजिटल क्षमताएं ग्लोबल कॉम्पिटिशन के लिए केंद्रीय बन रही हैं।

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यूरोपियन यूनियन के लिए, भारत 1.4 अरब लोगों का एक विशाल कंज्यूमर मार्केट और एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें एडवांस्ड मैन्युफैक्चर्ड सामान, ग्रीन टेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स और कैपिटल इक्विपमेंट की बढ़ती मांग है। कम टैरिफ और स्पष्ट मार्केट एक्सेस यूरोपीय फर्मों को भारत की विकास गाथा में अधिक गहराई से भाग लेने की अनुमति देगा।

ट्रेड से परे, यह समझौता दो प्रमुख लोकतांत्रिक गुटों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है, निवेश, टेक्नोलॉजी सहयोग और लचीली सप्लाई चेन को बढ़ावा देता है। यह सिर्फ एक ट्रेड डील नहीं है, बल्कि लंबी अवधि की आर्थिक साझेदारी के लिए एक मंच है, जिसे सही ही "मदर ऑफ ऑल डील" कहा जा रहा है।