Incred Startup News: आपको बताते चलें की 500 करोड़ रुपए की फंडिंग जुटाने के बाद इंक्रेड भारत का दूसरा यूनिकॉर्न स्टार्टअप बन चुका है। आ रही खबर के अनुसार इस फिनटेक स्टार्टअप ने नए और मौजूदा निवेशकों से 60 मिलियन डॉलर तक का इन्वेस्टमेंट हासिल किया है। ऐसा करने के बाद इंक्रेड इस साल जेप्टो के बाद भारत का दूसरा यूनिकॉर्न बन चुका है। इंक्रेड की सहायक कंपनी इंक्रीमेंट वेल्थ ने करीब 36.67 मिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट करके फंडिंग राउंड को लीड किया। इसके अलावा एमजीएमई फैमिली ऑफिस ने 9 मिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट किया है।

Advertisement

इसके अलावा इन्वेस्टर्स की लिस्ट में आरपी ग्रुप ऑफ कंपनीज के अध्यक्ष रवी पिल्लई और डॉयचे बैंक के सह प्रमुख राम नायक ने 5.4 मिलियन डॉलर और 1.2 मिलियन डॉलर की धनराशि का निवेश किया है। इसके अलावा कई और इन्वेस्टर्स भी इसमें शामिल रहे हैं, जिनमें इंक्रेड स्पेशल ऑपच्य्यूनिटी एंड फंड वीसीसी, वेरेनियम कैपिटल एडवाइजर्स शामिल हैं।

Advertisement

इसके अलावा कई दूसरे निवेशकों ने भी इस स्टार्टअप में अच्छे खासे पैसे लगाए हैं। जिस वजह से इस स्टार्टअप की टोटल फंडिंग के साथ इंक्रेड की वैल्यू अब 1 बिलियन डॉलर से भी ऊपर हो गई है। मिल रही जानकारी के मुताबिक इंक्रेड की मौजूदा वैल्यू 1.03 बिलियन डॉलर की हो गई है।

फर्म ने पिछली बार सार्वजनिक क्षेत्र के बैकों और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों से ऋण वित्तपोषण दौर में 68 मिलियन डॉलर जुटाए थे। वित्त वर्ष 2023 के दौरान इंक्रेड के ऑपरेशन में 865.6 करोड़ रुपए हो गए थे। वित्त वर्ष 2022 में 488 करोड़ रुपए की तुलना में 865.6 करोड़ रुपए हो गया है। फाइनेंशियल ईयर इंक्रेड के ऑपरेशन के पैमाने पर 77.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।

Advertisement

पिछले साल जोमैटो के साथ की थी साझेदारी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने इंक्रेड के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की थी। जिसके तहत परेशानी मुक्त क्रेडिट सुविधाओं के लिए जोमैटो ने फिनटेक ऋणदाता स्टार्टअप कंपनी इंक्रेड के साथ एक रणनीतिक साझेदारी शुरुआत की थी।

एसएमई लोन के अलावा, वर्किंग कैपिटल लोन, टर्म लोन, चैनल फाइनेंस भी इंक्रेड के पोर्टफोलियो में शामिल हैं। इसे पर्सनल लोन, मैरिज लोन, मेडिकल लोन, ट्रैवल लोन और एजुकेशन लोन देने के लिए भी जाना जाता है।

Advertisement

आपको बताते चलें कि यह यूनिकॉर्न उस समय बना जब भारत में टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम में फंडिंग पिछले 5 सालों में सबसे कम रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें की इस साल 5 दिसंबर तक टेक स्टार्टअप को कुल 7 अरब डॉलर की फंडिंग प्राप्त हुई है। गौरतलब है कि यह पिछले साल 2022 में प्राप्त की गई 25 अरब डॉलर की फंडिंग की तुलना में करीब 72 प्रतिशत तक कम है।

Advertisement

एक अग्रणी ग्लोबल मार्केट में इंटेलिजेंट प्लेटफार्म के मुताबिक हर स्टेज में फंडिंग में गिरावट देखने को मिली है। इसमें लेट स्टेज फंडिंग में 73 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। वही अर्ली स्टेज फंडिंग में 70 प्रतिशत की कमी आई है और सीड स्टेज फंडिंग में 60 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है।

यह भी पढ़ें : Mutual Funds के एसेट बेस में इस साल हुई 9 लाख करोड़ रु की बढ़ोतरी