Income Tax : अगर आपकी जो कमाई हैं वो आयकर के दायरे में नहीं आती हैं, तो फिर आपको कानूनतः इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की कोई जरूरत नहीं हैं। सभी लोगों को पता हैं सीनियर सिटिजन के लिए जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक और 80 वर्ष से कम हैं। उनके लिए 3 लाख रूपये तक टैक्स में छूट हैं। जबकि जो सुपर सीनियर सिटिजन होते हैं यानी 80 वर्ष से ऊपर के लिए ये सीमा 5 लाख रुपये है। अगर आपका जो वेतन हैं। वो इनकम टैक्स की जो सीमा हैं उससे कम हैं, तो फिर आप इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं, तो फिर इसके बहुत सारे फायदे हैं।

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योग्यता तय होती हैं लोन लेने की

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यदि आप कोई लोन लेने की विचार कर रहे हैं, तो फिर बैंक आपकी योग्यता की जांच करती हैं। वो आपकी आय की आधार पर होती हैं। आपको बैंक कितना लोन देगा, ये इस आधार पर तय होता हैं कि आपको आय कितनी हैं। यदि आप आईटीआर फाइल करते हैं, तो फिर आईटीआर जो हैं वो आपकी लोन को लेने के लिए आसान प्रक्रिया के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

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जरूरी टैक्स रिफंड के लिए

यदि आप आईटीआर को फाइल करते हैं, तो फिर जो आईटीआर रिफंड हैं। उसके माध्यम से टैक्स को क्लेम कर सकते हैं। यदि आपकी कुल कमाई जो हैं। वो बहुत सारे स्रोतों की कमाई से 2.5 लाख रुपये से अधिक हो जाती है, तो कटा हुआ जो टीडीएस हैं। उसको दोबारा आप क्लेम कर सकते हैं।

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जरूरी दस्तावेज वीजा प्रोसेसिंग के लिए

यदि आप कही विदेश जा रहे हैं, तो फिर बहुत सारे देश होते हैं। जो आपसे आईटीआर की मांग करते हैं। इससे पता चलता हैं कि व्यक्ति टैक्स कंप्लायंट सिटिजन है। इससे जो वीजा प्रोसेसिंग अधिकारी हैं। उसको आपकी जो मौजूदा हालात फाइनेंशियल स्थिति हैं। उसके बारे में पता चल जाता हैं। इससे जो आपका वीजा हैं। उसको मिलने में बहुत आसानी होती हैं।

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