नई दिल्ली, अगस्त 13। भारत का हर वो व्यक्ति जो इनकम टैक्स के दायरे में आता है। उसे समय से इनकम टैक्स फाइल करना बेहद आवश्यक होता है। यदि आपने किसी कारण 2019-20 और 2020-21 के लिए रिटर्न फाइल नहीं किया है तो आपके पास अभी भी समय है इनकम टैक्स रिटर्न डिपार्टमेंट (सीबीडीटी) ने अपडेटेड रिटर्न मतलब आईटीआर-यू को नोफिफाई किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कर दाताओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए 2020 बजट पेश करते हुए। अपडेटेड रिटर्न की घोषणा की थी।

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क्या होता है अपडेटेड रिटर्न

वित्त विधेयक 2022 में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(8ए) के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपडेटेड रिटर्न की घोषणा की थी। इसके तहत किसी भी वित्त वर्ष के लिए निर्धारण वर्ष समाप्त होने के अगले 24 महीने के अंदर आईटीआर-यू फाइल किया जाता है। 2019-20 वित्त वर्ष के लिए लागू किया गया था। यदि किसी टैक्सपेयर ने बिलेटेड रिटर्न, ओरिजिनल रिटर्न या फिर रिवाइज्ड रिटर्न नहीं फाइल किया है। वह भी आईटीआर-यू को भर सकता है।

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कब तक है मौका अपडेटेड रिटर्न फाइल करने का

नियमो के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 31 मार्च 2021 निर्धारण वर्ष को समाप्त होता है। आईटीआर अपडेटेड फाइल करने का मौका उनके पास 31 मार्च 2023 तक है। वर्ष 2020-21 के लिए निर्धारण वर्ष सीमा 31 मार्च 2022 को समाप्त हो गई। 31 मार्च 2024 तक ऐसे करदाताओं के पास अपडेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका है।

अपडेटेड रिटर्न भरने की वजह बतानी होगी

यदि अपडेटेड रिटर्न फाइल कोई करदाता कर रहा है तो उसके वजह बतानी होगी। इसकी इसमें आठ वजहों का उल्लेख किया गया है। इन वजहों से रिटर्न न भरने, आय की जानकारी न देने जैसे विकल्प गए हैं। आयकर के विभिन्न रूपों में इसके लिए करदाता को उपयुक्त फॉर्म को चुनना होगा।

50 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स देना होगा

यदि निर्धारण वर्ष के समाप्ति होने के 12 महीने के भीतर आईटीआर-यू भरा जाता है, तो 25 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैक्स लगेगा और यदि 12 महीने के बाद और 24 महीने से पहले 50 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैक्स अपडेटेड रिटर्न भरने के लगता है।