नयी दिल्ली। आयकर रिटर्न फॉर्म में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-20 (आकलन वर्ष 2020-21) के लिए आईटीआर फॉर्म जारी किए हैं। एक अधिसूचना में वित्त मंत्रालय ने आईटीआर 1 (सहज), आईटीआर 2, आईटीआर 3, आईटीआर 4 (सुगम), आईटीआर 5, आईटीआर 6, आईटीआर 7 और आईटीआर V फॉर्म जारी किए हैं। इससे पहले आयकर विभाग ने कोरोना महामारी के मद्देनजर आयकर नियमों में किए गए बदलाव को शामिल करने के लिए आईटीआर फॉर्म 1 और आईटीआर फॉर्म 4 को वापस ले लिया था। कोरोना संकट के मद्देनजर वित्त मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई समयसीमा के तहत व्यक्तिगत, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), प्रोफेनल्स और व्यवसायों सहित सभी करदाता बचत या 1 अप्रैल से 30 जून के बीच किए गए निवेश का लाभ उठा सकेंगे।

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सभी फॉर्म्स में अलग से होगा स्पेस
करदाताओं के पास प्रत्येक आईटीआर फॉर्म में 30 जून को समाप्त तिमाही के दौरान किए गए खर्च या निवेश की डिटेल देने के लिए अलग से जगह दी जाएगी, जिसे कटौती या छूट में गिना जाएगा। सरकार ने करदाताओं को पूंजीगत लाभ के लाभ के अलावा छूट और कटौती का दावा करने के लिए निवेश, भुगतान या दान करने की अनुमति देने के लिए 31 मार्च से एक तिमाही तक आयकर के तहत कई बार समयसीमा में राहत दी।

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ऑनलाइन पोर्टल में होंगे बदलाव
करदाताओं द्वारा रिटर्न दाखिल करने के लिए उपयोग किए जाने वाले ऑनलाइन पोर्टल को परिवर्तित फॉर्म्स के साथ अपडेट किया जाएगा। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए सभी आयकर रिटर्न की देय तिथि को 30 जुलाई और 31 अक्टूबर से 31 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। टैक्स ऑडिट की समयसीमा भी एक महीने बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी गई है। नए फॉर्म्स में करदाताओं से साल में 1 लाख रु से अधिक के बिजली बिल के भुगतान, बैंक खाते में 1 करोड़ रु जमा या विदेश यात्रा पर 2 लाख रु खर्च करने जैसी डिटेल मांगी जाएगी। ये जानकारी सहज आईटीआर -1, फॉर्म आईटीआर -2, फॉर्म आईटीआर -3 और फॉर्म सुगम आईटीआर -4 में देनी होगी।

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