नई दिल्ली, जुलाई 30। जिम्बाब्वे में मुद्रा का भाव लगातार गिर रहा है। जैसे कारण हालत ऐसे हो गए है कि जिम्बाब्वे में सोने के सिक्के चलने लगे है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि आम जनता को सोने के सिक्के बेचे जा सकेंगे। इन सिक्को से आम जनता दुकानों से खरीददारी कर सकती है।अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार वर्ष 2008 में जिम्बाब्वे की मुद्रास्फीति 5 अरब हो गई थी। तब से लोगो का मुद्रा से विश्वास उठ गया। वह लोग गलत तरीके से अमेरिकन डॉलर पाने का प्रयास करते है। अमेरिकन डॉलर महंगे और कम है मगर उसको घर पर बचत के रूप में रखना लोग ज्यादा पसंद करते है। उनका स्थानीय मुद्रा से इतना डर लगता है मतलब भरोसा उठ गया है कि वे दुकानदारों से भी ये नोट लेने के लिए मना कर देते है। रिजर्व बैंक के गवर्नर जॉन मांगुदया ने सोमवार को कहा कि सोने के सिक्कों की पहली खेप विदेश में तैयार की गई है, मगर बाद में इन्हें देश में ही बनाया जाएगा।

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आधिकारिक विक्रेताओं से सिक्के खरीद सकते है

जिम्बाब्वे के अर्थशास्त्री प्रॉस्पर चितांबर के अनुसार जिम्बाब्वे सरकार अमेरिकी डॉलर की मांग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है, क्योंकि अमेरिकी डॉलर की मांग इतनी ज्यादा है कि उसे पूरा नहीं किया जा सका है। केंद्रीय बैंक के अनुसार कोई व्यक्ति या कंपनी बैंकों जैसे आधिकारिक विक्रेताओं से सिक्के खरीद सकता है। इसके लिए स्थानीय या विदेशी करेंसी का प्रयोग किया जा सकता है।

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खरीदा-बेचा जा सकता है

केंद्रीय बैंक ने कहा, 'इन सिक्कों को लिक्विड एसेट माना जाएगा मतलब इन्हें कैश में बदला जा सकता है और राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीदा-बेचा जा सकता है। इनका इस्तेमाल लेन-देन में भी किया जा सकता है।'

कर्ज लेने में सिक्योरिटी के तौर पर भी इस्तेमाल

इस सिक्के का उपयोग कर्ज लेने में सिक्योरिटी के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इन सिक्को की कीमत तय करने की एक प्रकिया बनाई गई है। इसके तहत विदेशी बाजार में एक आउंस सोने की कीमत में पांच प्रतिशत बनाई भी जोड़ी जाएगी। सोमवार को जब यह सिक्का बाजार में उतारा गया तो उसकी कीमत 1824 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 15 हजार रुपये थी।