नई दिल्ली। बजट 2021 में इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में आत्मनिर्भर होने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार सरकार इस बार बजट में इंपोर्टेड इलेक्ट्रिक गाडियां को और महंगी कर सकती है। जानकारी के अनुसार सरकार जल्द ही पूरी तरह से बनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों (ईवी) के आयात पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा सकती है। इसके अलावा सरकार का इरादा लीथियम आयन बैटरी के लिए भी है।
आयातित ईवी हो जाएंगी महंगी
बजट 2021 में आयातित इलेक्ट्रिक गाडियां और महंगी हो सकती हैं। इसका सबसे बड़ा यह हो सकता है कि सरकार सीबीयू और एसकेछी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दे। सीबीयू कम्प्लीट बिल्ड यूनिट और एसकेडी यानी सेमी नोक्ड डाउन को कहा जाता है। सरकार ऐसे ईवी के आयात पर अभी 40 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगाती है। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इसे 10 फीसदी और बढ़ा कर 50 फीसदी किया जा सकता है।
देश में ईवी को मिलेगा बढ़ावा
ऐसा होने से आयातित ईवी और महंगे हो जाएंगे। इससे कंपनियों को देश में ही ईवी को बनाने में आासनी होगी। क्योंकि देश में बनी ईवी सस्ती पड़ेगी। इस फैसले से भारतीय कंपनियों को विदेशी कंपनियों के मुकाबले खड़ा होने का मौका मिल सकता है। जानकारी के मुताबिक बजट 2021 में वित्तमंत्री यह ऐलान कर सकती हैं।
लीथियम आयन बैटरी पर भी बढ़ सकता है टैक्स
इसके अलावा सरकार बजट 2021 में लीथियम आयन बैटरी पर लगने वाली ड्यूटी को भी बढ़ा सकती है। लीथियम आयन बैटरी पर कस्टम ड्यूटी 5 फीसदी से लेकर 10 फीसदी तक बढ़ाई जा सकती है। वहीं भारतीय ईवी उत्पादकों को सपोर्ट करने को लिए बैटरी के अलावा इलेक्ट्रिक गाड़ियों में लगने वाले दूसरे पुर्जों पर भी 5 फीसदी से लेकर 10 फीसदी तक आयात शुल्क बढ़ाया जा सकता है। अगर ऐसा फैसला होता है तो टाटा केमिकल्स जैसी कंपनी को फायदा मिल सकता है, जो भारत में ईवी से लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की तैयारी में है।
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