आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जियेवा ने चेतावनी देते हुए कहा कि वैश्विक ऋण भार एक नए ऑल-टाइम रिकॉर्ड के बराबर है, जो दुनिया के आर्थिक उत्पादन के दोगुने से अधिक है।
आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया पर कर्ज का बोझ 188 ट्रिलियन डॉलर (188 लाख करोड़ डॉलर) का है। यह राशि इतनी बड़ी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत की अर्थव्यवस्था का आकार केवल $ 2.7 लाख करोड़ है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी अमेरिका का आकार $ 21.35 लाख करोड़ है।
जॉर्जियेवा ने कहा कि पूरे कर्ज में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। यह सरकारों और लोगों पर आर्थिक कमजोरी का दबाव बढ़ाती है। उन्होंने कहा, "वैश्विक ऋण (निजी और सरकारी सहित) $ 188 लाख करोड़ के शिखर तक पहुंच गया है। यह दुनिया के कुल उत्पादन का 230 प्रतिशत है।" इससे पहले आईएमएफ के आंकड़ों के अनुसार, पूरी दुनिया पर $ 164 लाख करोड़ का कर्ज था। दुनिया भर में ब्याज दरें कम हैं। इससे उत्पादन बढ़ाने के लिए और कर्ज लिया जा सकता है। लेकिन क्रिस्टालीना का मानना है कि इससे ग्रोथ पर विपरीत असर पड़ सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी, "कड़वी सचाई यह है कि सख्त वित्तीय हालातों में कर्ज के बढ़ते दबाव ने कई सरकारों, कंपनियों और परिवारों को संकट में फंसा दिया है।" दुनिया भर के कर्ज में कॉपोरेट कर्ज की हिस्सेदारी दो-तिहाई है, लेकिन सरकारों का कर्ज भी तेजी से बढ़ा है। बकौल जॉर्जियेवा दूसरे विश्व युद्ध के बाद से सरकारी कर्ज कभी इस स्तर तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते कर्ज के कारण उभरते हुए बाजारों में भी 1980 के दशक में कर्ज का संकट देखा गया था।
जून में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक रिपोर्ट आई थी। इसके अनुसार भारत पर कुल बाहरी ऋण मार्च 2019 तक $ 543 अरब डॉलर था। मार्च 2018 के बाहरी ऋण की राशि में लगभग 13.7 अरब डॉलर का ऋण बढ़ा है। यह राशि जीडीपी के कुल 19.7 प्रतिशत के बराबर थी।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान