Pakistan News: इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने पाकिस्तान में हाल ही में एक अप्रत्याशित कर्मचारियों के साथ दौरा किया. इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ चर्चा भी की. यह दौरा 12 नवंबर से 15 नवंबर तक हुई. मीटिंग में खास करके इकोनॉमिक पॉलिसीज और उससे जुड़े सुधार के प्रयासों के लेकर रही. हालांकि यह दौरा विस्तारित निधि सुविधा (EFF) की पहली समीक्षा के लिए बहुत जल्दी थी, लेकिन इसने IMF बोर्ड की मंजूरी के 6 हफ्ते के भीतर 7 बिलियन डॉलर के बेलआउट के लिए आधार तैयार किया.

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एनर्जी सेक्टर में इंफ्रा सुधार

पाकिस्तान के बिजली और गैस सेक्टर का उसकी अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ रहा है, जिससे अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है. आईएमएफ ने इस बात पर जोर दिया कि इन सेक्टर्स की व्यवहार्यता को बहाल करने के लिए संरचनात्मक ऊर्जा सुधार महत्वपूर्ण हैं. इन मुद्दों का समाधान पाकिस्तान की आर्थिक सुधार और स्थिरता के लिए जरूरी है.

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नाथन पोर्टर की अगवाई में आईएमएफ की ओर से एक टीम ने पाकिस्तान का दौरा किया. उन्होंने 2024 के लिए ईएफएफ-बेस्ड रिफॉर्म के प्रति देश की प्रतिबद्धता के बारे में उम्मीद जाहिर की. उन्होंने कहा कि हम 2024 ईएफएफ-बेस्ड इकोनॉमिक रिफॉर्ट के लिए अधिकारियों की पुष्टि की गई प्रतिबद्धता से उत्साहित हैं. इन सुधारों का उद्देश्य मजबूत और टिकाऊ विकास के लिए एक आधार स्थापित करना है.

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राजस्व को लेकर बड़ी चुनौती

पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक देश में कई अहम चुनौतियों की वजह से आईएमएफ को हस्तक्षेप करना पड़ा. इसमें एक प्रमुख मुद्दा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान रेवेन्यू कलेक्शन में लगभग 190 बिलियन रुपए की कमी थी. यह कमी बेहतर डेफिसिट मैनेजमेंट और रेवेन्यू सृजन रणनीतियों की आवश्यकता को उजागर करती है.

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इस अवधि के दौरान 2.5 बिलियन डॉलर का एक्सटर्नल फिस्कल डेफिसिट भी दर्ज किया गया. इसके अलावा पाकिस्तान को अपने निजीकरण प्रयासों में असफलताओं का सामना करना पड़ा, विशेष रूप से अपनी नेशनल एयरलाइन को बेचने में विफल रहा. इस विफलता ने घाटे में चल रहे सरकारी स्वामित्व वाले कारेबार के निजीकरण की दिशा में प्रगति में बाधा उत्पन्न की.

डेफिसिट को लेकर IMF का रुख

आईएमएफ मिशन ने टैक्स बेस को बढ़ाते हुए विवेकपूर्ण राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों को बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया. दोनों पक्षों ने इन उपायों को पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में स्वीकार किया। देश की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ऐसी नीतियां आवश्यक हैं.

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पाकिस्तान ने दशकों से आर्थिक उछाल और मंदी के चक्रों का अनुभव किया है, जिसके परिणामस्वरूप 1958 से 23 बार आईएमएफ से राहत पैकेज प्राप्त हुआ है. ये सायकल लॉन्ग टर्म स्थिरता प्राप्त करने के लिए व्यापक सुधारों और लगातार नीति कार्यान्वयन की जरूरतों को दर्शाता है.

आईएमएफ और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच हाल ही में हुई चर्चा पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में गंभीर कमज़ोरियों को दूर करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. संरचनात्मक सुधारों और विवेकपूर्ण राजकोषीय नीतियों पर ध्यान केंद्रित करके, भविष्य में सतत विकास और स्थिरता की उम्मीद है.