नयी दिल्ली। आईएमएफ ने एक बार फिर से भारत की विकास दर का अनुमान कम किया है। आईएमएफ के अनुसार 2020 में भारत की विकास दर 1.9 फीसदी रह सकती है। इसका मुख्य कारण है कोरोनावायरस। आईएमएफ ने एक और चेतावनी भी दी है। आईएमएफ के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था 1930 के दशक में आई महामंदी के बाद से सबसे खराब मंदी की तरफ बढ़ रही है, क्योंकि दुनिया भर में सभी आर्थिक गतिविधियां ठप हो चुकी हैं। भारत के लिए इस पूर्वानुमान के साथ देश 1991 के उदारीकरण के बाद से अपनी सबसे खराब विकास दर दर्ज कर सकता है। हालांकि भारत के लिए थोड़ी राहत की खबर ये है कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपनी ताजा विश्व अर्थव्यवस्था रिपोर्ट में भारत को दुनिया की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था का दर्जा दिया है। आईएमएफ के मुताबिक चीन के अलावा भारत ऐसा दूसरा देश हो सकता है जो 2020 में एक सकारात्मक विकास दर दर्ज करेगा। चीन के लिए आईएमएफ ने 1.2 प्रतिशत की विकास दर का अनुमान लगाया है।
आईएमएफ ने 2020 में वैश्विक विकास दर का अनुमान भी घटाया है। इसने 2020 में वैश्विक विकास -3.0 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। इससे पहले जनवरी में इसने 3.3 फीसदी वैश्विक विकास दर रहने का अनुमान लगाया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ग्रेट डिप्रेशन (महामंदी) दुनिया भर में सबसे खराब आर्थिक मंदी थी जो 1929 से शुरू होकर 10 साल तक चली। इसकी शुरुआत अमेरिका में हुई जब वॉल स्ट्रीट पर न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज क्रैश हो गया और इसने लाखों निवेशकों का सफाया कर दिया।
आईएमएफ ने अमेरिका सहित कई एडवांस्ड देशों के लिए निगेटिव ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया है। इनमें अमेरिका (-5.9 प्रतिशत) के अलावा जापान (-5.2 प्रतिशत), यूनाइटेड किंगडम (-6.5 प्रतिशत), जर्मनी (-7.0 प्रतिशत), फ्रांस (-7.2 प्रतिशत), इटली (-9.1 प्रतिशत) और स्पेन (-8.0 प्रतिशत) शामिल हैं। चीन के लिए इसने सकारात्मक विकास दर का अनुमान लगाया है। मगर बताया है कि साल के बचे हुए समय में तेज वापसी और बड़े पैमाने पर राजकोषीय समर्थन के साथ भी चीनी अर्थव्यवस्था के 2020 में 1.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो काफी कम है।
ये मानते हुए कि 2020 की दूसरी छमाही में महामारी का असर कम हो जाएगा और दुनिया भर में लिए गए फैसलों से बड़े स्तर पर कंपनियों का दिवालिया होना रुकेगा, नौकरी छूटने और सिस्टम में वित्तीय तनावों को रोकने में मदद मिलेगी, आईएमएफ ने 2021 में वैश्विक विकास दर के लिए अनुमान बढ़ा कर 5.8 कर दिया है। वहीं 2021 में भारत की विकास दर 7.4 प्रतिशत और चीन की विकास दर 9.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। इसके अलावा अमेरिका की 4.5 फीसदी और जापान की 3 प्रतिशत विकास दर का अनुमान लगाया गया है।
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