नयी दिल्ली। पिछले महीने इनकम टैक्स विभाग ने करदाताओं को 5 लाख रुपये तक का रिफंड फौरन जारी करने का ऐलान किया था। करदाताओं से पुष्टि करने के लिए आयकर विभाग ने करदाताओं को ईमेल करने की बात कही थी। मगर अब ऐसे ही किसी मैसेज को लेकर आयकर विभाग ने चेतावनी दी है। आयकर विभाग ने करदाताओं को आयकर रिफंड से संबंधित आने वाले मैसेज (Phishing Message) से सावधान रहने के लिए कहा है, क्योंकि यह धोखाधड़ी करने वालों की तरफ से ठगी के लिए भेजा गया मैसेज हो सकता है। फर्जी ईमेल को लेकर आयकर विभाग ने करदाताओं को ट्वीट कर आगाह किया है। आयकर विभाग के मुताबिक रिफंड का दावा करने वाले ईमेल में मौजूद किसी लिंक पर क्लिक न करें। आयकर विभाग ने साफ किया है ये ईमेल उसकी तरफ से नहीं भेजे गए हैं।
एक फर्जी मैसेज, जिसे विभाग के एक आधिकारिक संदेश की तरह भेजा गया है, में लिखा है कि "कोविद-19 के प्रकोप के कारण, केंद्र सरकार ने सभी करदाताओं को टैक्स रिफंड करने का फैसला किया है, ताकि उन्हें लॉकडाउन के दौरान फाइनेंशियल मदद मिल सके। अपने रिफंड का क्लेम करने के लिए नीचे क्लिक करें। (फ़िशिंग वेब लिंक) "। एक एडवाइजरी में आयकर विभाग ने करदाताओं को चेतावनी दी कि उन्होंने ऐसा कोई मैसेज नहीं भेजा है। आयकर विभाग करदाताओं को सलाह देना चाहेगा कि वे ऐसे किसी भी मैसेज पर क्लिक या जवाब न दें। आयकर विभाग ने कहा कि ये फ़िशिंग संदेश है।
जानकारी के लिए बता दें कि करदाताओं को कोरोनोवायरस लॉकडाउन के दौरान चल रहे वित्तीय संकट से निपटने में मदद करने के लिए, आयकर विभाग ने सभी 5 लाख रुपये तक के लंबित आयकर रिफंड जारी करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। 21 अप्रैल तक विभाग ने करदाताओं को 14 लाख रिफंड जारी किए हैं, जिनका कुल मूल्य 9,000 करोड़ से अधिक है। वित्त मंत्रालय की तरफ से भी आयकर रिफंड का ऐलान किया गया था। वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट करके कहा था कि कोरोना संकट के कारण करदाताओं को राहत देने के लिए आयकर विभाग 5 लाख रुपये तक के सभी लंबित आयकर रिफंड तुरंत जारी करेगा।
सरकार ने कहा था कि सभी जीएसटी और कस्टम रिफंड भी जारी किए जाएंगे, जिससे एमएसएमई सहित करीब 1 लाख बिजनेस एंटिटीज को फायदा मिलेगा। इस फैसले के तहत कुल 18000 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। सरकार के इस कदम का लक्ष्य उन व्यक्तियों को राहत देना था, जो वेतन में कटौती या नौकरी छूटने के कारण नकदी की कमी का सामना कर रहे हैं या अपने एम्प्लोयर की तरफ से सैलेरी जारी किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि अतिरिक्त टैक्स को रिफंड के रूप में वापस लेने के लिए, आपको आयकर रिटर्न दाखिल करना आवश्यक है।
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