नई दिल्ली, जून 4। अकसर लोगों का किसी न किसी कारण वाहन चलाते हुए चालान कट जाता है। इसमें कई कारण हो सकते हैं। हेलमेट, सीट बेल्ट या कोई दस्तावेज न होने के कारण आपको चालान भरना पड़ सकता है। मगर ऐसा नहीं है कि जिस व्यक्ति का चालान कटा है उसे अपना पक्ष रखने का मौका नहीं मिलता। उसे भी मौका दिया जाता है और यदि उस व्यक्ति की बात सही हो तो चालान कम या पूरा माफ हो सकता है। हम आपको यहां बताएंगे कि कैसे आप इस प्रोसेस के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक पुलिस काफी सख्त हो गयी है। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पहले की तुलना में ऐसे मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई। इसी बीच पुलिस ने नियम न फॉलो करने लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें ई-चालान भेजना शुरू कर दिया है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर ई-चालान बनता है और ऐसे लोगों को भेजा जाता है। मगर दिल्ली पुलिस कार मालिकों को अपनी बात रखने देती है। इसके लिए उन्हें पूरा मौका मिलता है।
अगर ऐसा व्यक्ति जिसका चालान कटा हो और उसकी बात सही रहे तो उसका चालान माफ किया जा सकता है। होता यह है कि आपको दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सबसे पहले फोन नंबर पर ई-चालान का नोटिस भेजेगी। आपको करना यह है कि ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर जाएं। आगे जानिए बाकी प्रोसेस।
ट्रेफिक पुलिस की वेबसाइट पर अपने वाहन का नंबर डालें। इसके बाद आपके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। इस ओटीपी को दर्ज करने आपका नोटिस खुलेगा। यदि आपको लगता है कि चालान गलत है तो आप 'शिकायत (ग्रीवेंस)' के ऑप्शन पर जाएं और अपना पक्ष रखें। ट्रैफिक पुलिस कई तरह के विकल्प पेश करती है। अगर गलती से आपको चालान मिला तो गाड़ी की तस्वीर पर क्लिक करके आगे का प्रोसेस पूरा करें।
यदि आपका दावा सही पाया जाता है, तो चालान रद्द कर दिया जाएगा। अगर कोई और वाहन चला रहा था तो आप उसके नाम से भी यह चालान ट्रांसफर कर सकते हैं। ध्यान हे कि ई-चालान नोटिस मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से आपको 2 महीने का समय दिया जाएगा। यदि जुर्माना राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो उसे वर्चुअल कोर्ट में ट्रांसफर किया जाएगा।
फिर कोर्ट में एक तय समय सीमा के अंदर सुनवाई होगी। इससे जुर्माने की रकम कम हो सकती है। अगर आपको लगे कि चालान अभी भी अधिक है तो आप अपनी बात रखें। वर्चुअल कोर्ट के बाद इसी तरह केस आगे चालान रेगुलर कोर्ट में ट्रांसफर किया जा सकता है। पर चालान एक बार नियमित अदालत में गया तो इसे लोक अदालत में पेस नहीं किया जाएगा। हाल ही में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस वाहनों के खिलाफ जारी चालान को निपटाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया था। यह राष्ट्रीय लोक अदालत बिना कुछ लिए चालान को रिडीम कराने का एक मौका होता है। इसमें जुर्माने की राशि को कम करने का अनुरोध या पूरी तरह से माफ करने के लिए भी कहा जा सकता है।
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