NCH : अगर आपने किसी उत्पाद को खरीदा हैं। चाहे वो ऑफलाइन के माध्यम से खरीदा है या फिर ऑनलाइन के माध्यम से खरीदा है। अगर आपके द्वारा खरीदे गए प्रोडक्ट में कोई खराबी है और इसमें कंपनी की तरफ से कोई भी सुनवाई नहीं की जा रही है या फिर जो खराब प्रोडक्ट हैं। कंपनी उस खराब प्रोडक्ट को नही बदल रही है, तो फिर आप इसकी शिकायत नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (एनसीएच) के माध्यम से बहुत ही आसानी से कर सकती हैं और अपनी समस्या का निवारण कर सकते हैं। जो नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन हैं। इसको भारत सरकार के कंज्यूमर एफेयर मंत्रालय की तरफ से चलाया जाता है। एनसीएच पर आप किसी भी खरीदे गए प्रोडक्ट की अगर वो प्रोडक्ट खराब निकल जाता हैं और कंपनी इस समस्या का समाधान निकालने में असमर्थ रहती है, तो फिर आप एनसीएच से शिकायत कर सकते हैं। जहां एक निश्चित समयसीमा पर आपकी शिकायत पर कंज्यूमर एफेयर डिपार्टमेंट द्वारा एक्शन लिया जाता है, तो आइए जानते हैं इसके बारे में सारी डिटेल।

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किस तरह करें एनसीएच पोर्टल पर शिकायत

कंज्यूमर एफेयर डिपार्टमेंट की ओर से किए गए ट्वीट के अनुसार, व्यक्ति सिर्फ एक कॉल के माध्यम से बेहद ही आसानी से एनसीएच पर शिकायत को दर्ज करवा सकते है। इसकी शिकायत के लिए मंत्रालय की एक टोलफ्री नंबर जारी किया गया है, यह टोल फ्री नम्बर 1915 है। यह नंबर पर आप 12 भाषाओं में अपनी शिकायत को दर्ज करवा सकते हैं। यह नंबर सातों दिन खुला रहता हैं। इतना ही नहीं अगर आपने कोई शिकायत की है, तो फिर आप इस शिकायत को ट्रैक भी कर सकते है। वहीं, सरकार की तरफ से आपको एसएमएस के माध्यम से कॉल बैक की सुविधा भी दी जाती है, इसके लिए आपको इस नंबर 8800001915 पर एसएमएस करना होगा।

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इन शिकायतों को आप ऑनलाइन भी दर्ज करवा सकते हैं

अगर आप ऑनलाइन के माध्यम से शिकायत को दर्ज करवाना चाहते हैं, तो फिर इसके लिए आपको कंज्यूमर्स हेल्पलाइन डॉट जीओवी डॉट इन पर जाना होगा। यह पर आपको मांगी गई सभी जानकारी को देना होगा और साइन अप करना होगा। जब आप इस पोर्टल में साइन अप हो जाते हैं। इसके बाद आपको आईडी और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन करना है और अब आप अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

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इस पोर्टल में पर कितने दिन में होगा समाधान

कंज्यूमर एफेयर डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, जब भी कोई कंप्लेन एचसीएच पोर्टल में प्राप्त होती है। उसके निवारण के लिए कंपनी, एजेंसी, रिगुलेटर या फिर लोकपाल को भेजा जाता है। इसका कोई भी समाधान निकालना है। इसका अधिकतम 45 दिनों का समय निर्धारित किया गया है।