नई दिल्ली, अप्रैल 19। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2019-20 के मुकाबले वित्त वर्ष 2020-21 में सोने के आयात में भारी उछाल आया है। 2020-21 में सोने के आयात में 22.58 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। 2020-21 में भारत में कुल 34.6 अरब डॉलर यानी लगभग 2.54 लाख करोड़ रु का सोना आया। इससे पहले 2019-20 में देश में 28.23 अरब डॉलर (करीब 2 लाख करोड़ रु) का सोना आया था। बता दें कि सोने के आया का देश के चालू खाते घाटे (सीएडी) पर काफी प्रभाव रहता है।
एक तरफ जहां सोने के आयात में जोरदार तेजी देखी गयी। वहीं दूसरी तरफ चांदी का आयात काफी घटा। पिछले वित्त वर्ष के दौरान चांदी का आयात 71 प्रतिशत घटकर लगभग 79.1 करोड़ डॉलर रहा। हालांकि सोने के आयात में जोरदार बढ़ोतरी के बावजूद देश का व्यापार घाटा 2020-21 के दौरान 98.56 अरब डॉलर का रहा, जबकि 2019-20 में यह 161.3 अरब डॉलर रहा था।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के चेयरमैन कोलिन शाह का कहना है कि घरेलू मांग बढ़ने से सोने का आयात बढ़ रहा है। साथ ही आगामी अक्षय तृतीया और शादी के सीजन के कारण सोने की मांग में और वृद्धि होगी, जिससे सीएडी और बढ़ सकता है। सीएडी विदेशी मुद्रा के इंफ्लो और आउटफ्लो के बीच का अंतर होता है।
भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक है, जो मुख्य रूप से ज्वेलरी इंडस्ट्री की मांग को पूरा करता है। अप्रैल-मार्च 2020-21 में रत्न और आभूषण (जेम्स एंड ज्वेलरी) निर्यात 27.5 प्रतिशत घट कर 26 अरब डॉलर रहा। मात्रा के लिहाज से देश में सालाना 800-900 टन सोना आयात किया जाता है। इस बीच दिसंबर तिमाही में 1.7 अरब डॉलर जीडीपी के 0.2 प्रतिशत के अंतर के साथ भारत का चालू खाता पहली बार चालू वित्त वर्ष में घाटे (डेफिसिट) में पहुंच गया।
बजट में सरकार ने सोने पर आयात शुल्क को 12.5 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया था। इसमें 7.5 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी और 2.5 प्रतिशत एग्री इंफ्रा और डेवलपमेंट सेस है। वाणिज्य मंत्रालय के ही आंकड़ों के मुताबिक सोने का आयात वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-फरवरी अवधि में 3.3 प्रतिशत गिर कर 26.11 अरब डॉलर रह गया था। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में देश में 27 अरब डॉलर का सोना आया था। यानी मार्च में काफी अधिक सोना आयात किया गया।
बता दें कि 2020 में भारत में सोने का आयात 2009 के बाद निचले स्तर पर पहुंच गया था। कोरोना के कारण मांग और आपूर्ति दोनों को बुरी तरह प्रभावित हुई थी। वहीं ऊंची कीमतों ने भी खरीदारों को सोने से दूर रखा। भारत सोने की खपत के मामले में दूसरे और आयात के मामले में पहले नंबर पर रहता है। पिछले साल सोने की विदेशी खरीद घट कर 275.5 टन रह गई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार यह 2009 के बाद सबसे कम है। भारत में सोने की खपत लगातार दूसरे साल कम दर्ज की गई। 2020 से पहले 2019 में भी भारत में सोने की खपत घटी थी।
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