नयी दिल्ली। सरकार ने हाइवे पर टोल राशि का भुगतान करने के लिए 1 दिसंबर से फास्टैग को अनिवार्य करने का फैसला लिया है। फास्टैग एक राष्ट्रस्तरीय पहल है, जिससे टोल प्लाजा पर आने वाली दिक्कतों को खत्म किया जा सकेगा। दरअसल सरकार की योजना 100% टोल टैक्स को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से वसूलने की है। इसके लिए 1 दिसंबर से देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर मौजूद सभी टोल प्लाजा ई-टोल कलेक्शन व्यवस्था से लैस होंगे। इससे टोल प्लाजा पर लोगों का समय बर्बाद नहीं होगा। साथ ही टोल प्लाजा पर यातायात की बेरोक-टोक आवाजाही होगी। इसके अलावा टोल प्लाजाओं पर अब कैश कलेक्शन भी नहीं होगा। ऐसे में आप अक्सर सड़क से यात्रा करते हैं या नहीं, मगर आपको अब फास्टैग की आवश्यकता होगी। फास्टैग ऑनलाइन भी उपलब्ध है, जिसे आप अमेजन, या विभिन्न बैंक साइटों जैसे कि एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, ऐक्सिस बैंक, पेटीएम पेमेंट बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक आदि से खरीद सकते हैं।

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एसबीआई से ऑनलाइन फास्टैग खरीदने का आसान तरीका
अगर आप एसबीआई से ऑनलाइन फास्टैग खरीदने पर विचार कर रहे हैं तो हम आपको बताते हैं कि इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है। एसबीआई की साइट के मुताबिक आपको सत्यापन के लिए मूल दस्तावेजों, वैध केवाईसी और वाहन आरसी के साथ एसबीआई के पॉइंट ऑफ सेल से संपर्क करना होगा। आप दो में से कोई खाता चुन सकते हैं। इनमें सीमित केवाईसी के साथ प्रीपेड खाते में किसी भी समय 10,000 रुपये से अधिक नहीं हो सकते। इसमें मासिक पुनः राशि लोड सीमा भी 10,000 रुपये की होगी। वहीं फुल केवाईसी खाते में फास्टैग प्रीपेड के लिए 1,00,000 रुपये की सीमा होगी। साथ ही इसमें कोई मासिक सीमा नहीं होगी।

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ऐसे काम करेगा फास्टैग
एसबीआई से फास्टैग लेने के समय आपको अपना वाहन साथ लाना होगा। एसबीआई फास्टैग पर 3 सालों की गारंटी होगी। फास्टैग का इस्तेमाल करने के लिए राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग से गुजरते हुए आपको फास्टैग से संबंधित ही लेन लेनी होगी। मगर यदि आपके पास कार्ड नहीं है और आप इस तरह की लेन में प्रवेश करते हैं तो गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, आपको इसके लिए लागू शुल्क का दोगुना भुगतान करना होगा। इसका संचालन एनएचएआई कर रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस व्यवस्था के लिए एनएचएआई के साथ तालमेल बनाया है।

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