Tax Saving on LTCG: यह हम सब जानते हैं कि हम जो कमाते हैं उसका एक हिस्सा सरकार को आयकर(Income tax) के रूप में जाता है। यह तब होता है जब आपकी कुल वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स स्लैब के तहत आती है। इसी तरह से यदि आप घर जैसी संपत्ति को दो साल से अधिक समय तक रखने के बाद बेचकर लाभ कमाते हैं, तो उससे हुई आय भी टैक्सेबल होती है। इसतरीके से होने वाले प्रॉफिट को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) कहा जाता है। आयकर नियम के मुताबिक इसपर 20.8 प्रतिशत का टैक्स लगता है। हालांकि, आपको LTCG पर टैक्स बचत करने के कुछ विकल्प भी मिलते हैं।
मिल सकती है छूट
आयकर विभाग के नियम के मुताबिक इंडेक्सेशन के साथ प्रॉपर्टी की बिक्री पर 20.8 फीसदी एलटीसीजी टैक्स लगता है। आप कुछ उपायों से टैक्स में से कुछ रकम बचा सकते हैं। इंडेक्सेशन मुद्रास्फीति दरों के अनुसार आपकी संपत्ती की वैल्यू तय करने की एक विधि है। जब संपत्ति की बिक्री से होने वाले लाभ को मुद्रास्फीति के मुताबिक कैलकुलेट और संयोजित किया जाता है तो इसपर टैक्स की देनदारी कम हो जाती है। यदि आप एक पुराना घर बेचने की योजना बना रहे हैं, तो आप कुछ उपायों से टैक्स की देनदारी सीमित कर सकते हैं। चलिए हम आपकों बताते हैं कि टैक्स बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- आयकर अधिनियम की धारा 54 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ (LTCG) पर टैक्स में छूट का लाभ उठा सकता है। लेकिन उसे अपने संपत्ती या घर बेचने के बाद होने वाले आय को दूसरा घर खरीदने में निवेश करना होगा। दूसरे घर खरीदने पर टैक्स में छूट पाने के लिए आपकों कुछ शर्तों को मानना होगा।
- आपके द्वारा बेची जाने वाली आवासीय संपत्ति एक लांग टर्म पूंजीगत संपत्ति होनी चाहिए। आपने आवासीय संपत्ति को बेचने से पहले 24 महीने तक उसे होल्ड करना होगा।
- यदि आप अपने पूंजीगत लाभ को करों से मुक्त करना चाहते हैं, तो आपको पुराने घर को बेचने के तारीख से दो साल के भीतर एक और आवासीय संपत्ति का अधिग्रहण करना होगा। टैक्स का भुगतान करने से बचने के लिए आप पुरानी संपत्ति को बेचने के तीन साल के भीतर आप नया आवासीय घर बनाने में पूंजीगत लाभ को निवेश कर सकते हैं। (Tax Saving on property sale)
- आयकर विभाग के धारा 54 के तहत एक से पुराने संपत्ती को बेचने के बाद एक से अधिक घर खरीदने या बनाने पर भी टैक्स छूट का लाभ मिलता है। हालांकि, इस लाभ का लाभ उठाने के लिए लांग टर्म कैपिटल गेन 2 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। आपको बता दें कि एक टैक्सपेयर जीवन में केवल एक बार यह छूट प्राप्त कर सकता है।
More Articles
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन नजदीक: पोर्टल पर आ रही है दिक्कत? अपनाएं ये 5 स्मार्ट टिप्स
- ITR डेडलाइन 31 जुलाई: ओल्ड या न्यू टैक्स रिजीम? जानें आपके लिए कौन सा है सही
- ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी
- Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?
- अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार